साबुन-तेल लगाकर नर्मदा स्नान नहीं करेंगे
सोलंकी काॅलोनी में चल रही संगीतमयी नर्मदा महापुराण कथा के चौथे दिन मंगलवार को कथा वाचक पंडित भरत बिल्लौरे ने नर्मदा शुद्धिकरण व कन्या भ्रूण हत्या पर अपनी बात रखी। उन्होंने मंच से श्रद्धालुओं को संकल्प दिलाया कि वह जब भी नर्मदा स्नान के लिए तट पर जाएंगे, साबुन या तेल लगाकर डुबकी नहीं लगाएंगे। साथ ही भ्रूण का परीक्षण नहीं कराएंगे और ना ही उसकी हत्या करेंगे। कथावाचक के इस संकल्प को श्रद्धालुओं ने दोहराया और शपथ भी ली।
कथा के दौरान पंडितजी ने नर्मदा तटों का वर्णन किया। उन्होंने तीर्थनगरी ओंकारेश्वर व नर्मदा कावेरी संगम का प्रसंग सुनाते हुए कहा, माघ में तीन दिन व्यक्ति नर्मदा कावेरी संगम में स्नान करता है तो उसके करोड़ों जन्मों के पापों का नाश होता है। कॉवेरी नदी परिमात्र पर्वत से निकली है जो स्वयं माता पार्वती है। पार्वती रूप में ओंकारेश्वर की परिक्रमा कर पुन: नर्मदा में मिल जाती है।
संगम पर कुबेरजी ने तपस्या की थी, जिनका मंदिर आज भी विद्यमान है। कथा के दौरान पंडित बिल्लौरे का सम्मान ब्राह्मण समाज ने किया।
यह दिलाया संकल्प
नर्मदाजी में पॉलीथिन, नारियल, अपशिष्ट पदार्थ का विसर्जन नहीं करेंगे।
जब भी नर्मदा किनारे जाने का सौभाग्य मिला तो तटों की सफाई करेंगे।
तेल-साबुन लगाकर नर्मदाजी में स्नान नहीं करेंगे।
नर्मदा शुद्धिकरण के लिए दूसरों को भी प्रेरित करेंगे।
नर्मदा महापुराण
नर्मदा महापुराण कथा के चौथे दिन कथा वाचक पंडित भरत बिल्लौरे ने श्रद्धालुओं को नर्मदा शुद्धिकरण का संकल्प दिलाया।