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अर्द्धवार्षिक परीक्षा के बोझ से 10वीं के छात्र ने खाया सल्फास, मौत
उत्कृष्टशाला स्थित प्री मैट्रिक बालक छात्रावास में रहने वाले दसवीं के छात्र ने सल्फास की गाेलियां खा ली। इससे उसकी मौत हो गई। कांकरियाव निवासी अजय पिता बाबूलाल बरले (17) ने सल्फास की गोली खाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि छात्र ने यह कदम अर्द्धवार्षिक परीक्षा के दबाव में उठाया है। अजय के दोस्त सकते में है। इंदौर में पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार दोपहर अजय के शव को उसके गांव ले जाया गया। जहां उसका अंतिम संस्कार किया। छात्रावास में साथ में रहने वाले अजय के दोस्त संदीप ने बताया सोमवार रात 10 बजे तक पढ़ने के बाद अजय हमारे साथ सो गया। इस दौरान उसे उल्टियां होने लगी। साथ ही पेट दुखने एवं जी मचलने की बात भी अजय ने कही। छात्राें ने इसकी जानकारी अधीक्षक ठाकुरलाल वर्मा को दी। अजय को अस्पताल लाया गया। छात्रावास में ही रहकर पढ़ाई करने वाला उसका छोटा भाई विजय भी साथ था। अजय की हालत देख डॉक्टरों ने सल्फास खाए जाने की आशंका जताई। कड़ी पूछताछ करने पर अजय ने इस बात को कबूल कर लिया। अजय को गंभीर अवस्था में इंदौर रैफर किया गया। इलाज के दौरान सुबह 4 बजे उसकी मौत हो गई।
पिता के दुर्घटना में घायल होने से बेटा था चिंतित
छात्रावासअधीक्षक ठाकुरलाल वर्मा ने बताया अजय की आर्थिक स्थिति खराब थी। 15 दिन पहले उसके पिता बाबूलाल बैलगाड़ी से गिर गए थे। दुर्घटना में उनकी रीढ़ की हड्डी में चोट आई थी। इस घटना का अजय की मानसिक स्थिति पर काफी प्रभाव पड़ा। उसने यह बात अपने छात्रावास अधीक्षक से भी की थी। उसे लगा कि अब घर की सारी जिम्मेदारियां उसे ही निभाना पड़ेगी। ऊपर से अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं का टेंशन भी उसे साल रहा था। संभवतः वह इन तनावों को झेल नहीं पाया और उसने यह कदम उठा लिया। उसके गृह ग्राम कांकरियाव में उसका अंतिम संस्कार हुआ। मंगलवार को शाम 5 बजे छोटे भाई विजय ने उसे मुखाग्नि दी।
चल रही थी परीक्षाएं
दसवींके छात्र अजय की परीक्षाएं सोमवार से ही शुरू हुई थी। उसका पहला पेपर अंग्रेजी का था। इसके बाद वह हिंदी के पेपर की तैयारी में जुट गया था। लेकिन उसके पहले ही उसने यह कदम उठा लिया। दोस्तों ने बताया अजय के पिता बाबूलाल खेती करते हैं। घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। अर्द्धवार्षिक परीक्षा की तैयारी पूरी नहीं होने से उदास बैठा रहता था। अजय दो साल पहले ही छात्रावास में पढ़ाई करने आया था। उसका छोट