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पहली बार छोडे़ गए पानी से नहरें फूटने लगी, खेतों में पहुंचा पानी
ओवरफ्लो होकर फूटी नहरें, खेतों में पानी भरने से रबी फसलों को नुकसान
बामंदीस्थित साटक बांध की नहराें का सीमेंटीकरण कार्य कर पक्का किया जा रहा है। िनर्माण कार्य के कुछ माह बाद ही पहली बार ही छोड़े गए पानी से नहरें फूट रही हैं। किसानों ने गुणवत्ताहीन निर्माण के साथ ठेकेदार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
जानकारी अनुसार बामंदी के साटक बांध की करोड़ों की लागत से बनने वाली नहरों में जगह-जगह से दरार पड़कर क्षतिग्रस्त हो रही हैं। दो िदन पहले ही बलगांव की काकड़ के पास पहली बार छाेड़े गए पानी से नहर क्षतिग्रस्त हो गई। इससे नहर का पानी किसानों के खेतों में घुस गया। किसान उमेश मोदी, अरविंद पाटीदार ने बताया ठेकेदार द्वारा गुणवत्ताहीन कार्य किए जाने से नहरों की यह हालत हुई है। किसानों ने ठेकेदार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। दो माह पहले भी मेजमपुर क्षेत्र में नहर फूट गई थी। उसके बाद भी ठेकेदार गुणवत्तायुक्त नहरों का निर्माण कार्य करना बता रहा है।
फूटी नहरों से पानी खेतों में भर गया।
भास्कर संवाददाता | टांडाबरुड़
देजला-देवाड़ानहर परियोजना की माइनर क्र. 13 की नहर बैजापुरा रोड पर फूटने से किसानों के खेतों में पानी घुस गया। इससे फसलों को नुकसान पहुंचा। किसानों ने बताया माइनर हर साल यह परेशानी होती है। जल संसाधन विभाग द्वारा नहर की नियमित साफ-सफाई गाद नहीं निकाले जाने से पानी छोड़ने पर यह स्थिति बनती है। बार-बार फूट रही नहरों से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान मनोहरसिंह मंडलोई, सुमेरसिंह मंडलोई, ज्ञानेंद्रसिंह मंडलोई, कैलाश कुमरावत, नंदकिशोर कुमरावत ने बताया सोमवार को नहर फूटी थी। इससे खेतों में पानी भर गया। कई किसानों की रबी फसल खराब हो गई। जल संसाधन विभाग के अफसरों की लापरवाही के चलते हर साल किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
शीघ्रमरम्मत कराएंगे
^नहरओवरफ्लो हो गई थी, इससे फूट गई होगी। वैसे किसी भी किसानों के खेतों में पानी नहीं घुसा है। बैजापुरा रोड किनारे ही पानी बहा है। फूटी नहर जल्द ही मरम्मत कर चालू किया जाएगा।^ -बीएल रावत, सबइंजीनियर देजला-देवाड़ा नहर परियोजना
नहरों को पक्का करने के बाद पहली बार छोड़े गए पानी में ही नहरें फूट गई।