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वायरस से मुरझाई मिर्च फसल को उखाड़कर लाए
दोमाह की मिर्च फसल पर फूलों की बहार नहीं वायरस का अटैक है। फसल मुरझाने लगी है। पत्ते सिकुड़ गए हैं। समस्या से 10 हजार हैक्टेयर में लगाई गई मिर्च की फसल बर्बाद होने की कगार पर है। कुछ किसान फसल उखाड़ रहे हैं। मिर्च पर आई प्राकृतिक आपदा का असर करीब तीन हजार किसानों पर पड़ेगा। मंगलवार को यह बात नागिझरी, बड़गांव, राजपुरा, बलगांव, मोघन, आगरबाई, मेहरघट्टी, उदयपुरा, पीपरखेड़ा, मेहरजा के किसानों ने तहसीलदार आशीष खरे से कही। मिर्च की फसल पर आए वायरस का नमूना दिखाने के लिए किसान पौधे उखाड़कर लाए थे। किसानों ने खेतों का सर्वे कराने मुआवजा देने की मांग की है। सर्वे नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी।
आदिम जाति सेवा संस्था नागझिरी के अध्यक्ष दिनेश पटेल, छोटेलाल कुशवाह कैलाश कुशवाह, बालमुकूंद कुशवाह, लखन कुशवाह ने बताया मिर्च के हाइब्रिड बीजों को रोपण किया था। दो माह में प्रति एकड़ मिर्च के ट्रीटमेंट पर 40-50 हजार रुपए खर्च हुए हैं। लेकिन वायरस के अटैक से पौधे खराब हो गए हैं। उत्पादन नहीं होगा। किसानों ने कर्ज लेकर फसल तैयार की थी, लेकिन अब ऋण चुकाना भी भारी पड़ेगा।
वैज्ञानिकों की सलाह पर किया ट्रीटमेंट, काम नहीं आया
किसानों ने बताया वायरस के शुरुआती लक्षण देखकर कृषि अनुसंधान केंद्र खरगाेन के कृषि वैज्ञानिकों की सलाह ली थी। महंगे ब्रांड के कीटनाशक का छिड़काव भी किया, लेकिन फसलों पर कोई असर नहीं हुआ। किसानों ने श्री खरे से खेतों का सर्वे कराने मुआवजा दिलाने की मांग की है।
मिर्च की फसल पर वायरस बीमारी देखते तहसीलदार आशीष खरे।