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अफसरों ने कहा, नहीं है तुम्हारी जमीन, छाती पीटकर रोने लगा

7 वर्ष पहले
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कसरावदतहसील का सांगवी निवासी रामू अपने पिता एडु के साथ जमीन की पावती नहीं बनने की शिकायत लेकर मंगलवार को जनसुनवाई में आया। अफसरों ने उसे कहा- तुम्हारी जमीन ही नहीं है तो फिर पावती कैसी। यह सून रामू कलेक्टोरेट के बाहर लोगों को कागज दिखाकर जोर-जोर से रोने लगा। रामू ने बताया पटवारी तहसीलदार उसे पावती के लिए कई दिनों से दौड़ा रहे हैं। यदि जमीन मेरी नहीं होती तो फिर पहली बार में ही मुझे मना क्यों नहीं किया। मंगलवार को जनसुनवाई में सैकड़ों आवेदन आए। कलेक्टर नीरज दुबे ने समस्याएं सुनी और अफसरों को निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में मंगलवार को आवेदन ज्यादा आए। आवेदकों की कतार कलेक्टोरेट के बाहर अंतिम समय तक लगी रही। सुनवाई का समय खत्म होने के बाद कई आवेदक शिकायत नहीं कर पाए। उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। सनावद से आए राजाराम, पार्वतीबाई ने बताया जमीन विवाद की शिकायत लेकर आए थे, लेकिन समय खत्म होने से आवेदन नहींं दिया।

कोटवारोंको नही मिला चार माह से वेतन - तहसीलकार्यालयो में पदस्थ कोटवारों को चार माह से वेतन नहीं मिला है। कोटवारों ने समस्या एसडीएम आशीष खरे को सुनाई। उन्होंने बताया वे रात दिन थाना, तहसील के अलावा पटवारियों का सहयोग करते हैं। चार माह से उन्हें वेतन नहीं मिला है। महंगाई में मात्र 2 हजार रुपए में वे सेवाएं दे रहे हैं। इससे आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। कोटवारों ने बताया उनका रुका वेतन दिया जाए और 2 हजार की बजाय 5 हजार रुपए प्रतिमाह दिया जाए।

विद्यार्थियोंने मांगा हाईस्कूल भवन - मुलठानसे आए ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों ने कलेक्टर नीरज दूबे से हाईस्कूल के लिए भवन और हायर सेकंडरी स्वीकृत करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया यहां हाईस्कूल 1997 से संचालित हो रही है, लेकिन 18 वर्ष बीत जाने के बाद भी भवन स्वीकृत नहीं हुआ है। कक्षाएं माध्यमिक विद्यालय में लग रही है। विद्यार्थियों ने बताया 10वीं उत्तीर्ण होने के बाद उन्हें 15 किमी दूर गोगांवा जाना पड़ता है। विद्यार्थियों ने हाईस्कूल और हायर सेकंडरी स्वीकृत किए जाने की मांग की। इसी तरह शकरगांव की महिलाओं ने अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाने की मांग की।

सुनवाई नहीं होने पर कलेक्टोरेट परिसर में रोते हुए लोगों को कागज दिखाता रामू।