किसानों को नहीं मिला मुआवजा
बारिश में रपटा डूब जाने से कई गांवों का संपर्क टूट जाता है।
भास्कर संवाददाता|खामखेड़ा
खामखेड़ासे सांगवी के बीच अंबाक नदी पर बनने वाले पुल निर्माण में किसानों की अधिग्रहण की गई जमीन का मुआवजा नहीं िमलने के बाद किसानों ने ब्रिज कार्पोरेशन को पत्र लिखकर मुआवजा मिलने तक काम बंद करने की मांग की है।
खामखेड़ा-सांगवी पुल का कार्य शुरू हो गया लेकिन खलिहानों का मुआवजा आज तक नहीं मिला है। िकसानों ने मुआवजा मिलने तक काम बंद रखने की मांग की है।
बाड़ी-मुलठान मार्ग खामखेड़ा सांगवी पुल निर्माण के लिए िकसानों की वर्षों से चली रही मांग के बाद मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कसरावद आमसभा में मंच से घोषणा की थी। तत्कालीन विधायक आत्माराम पटेल के प्रयासों से बाड़ी से मुलठान 12.5 किमी सड़क 534 लाख तथा खामखेड़ा-सांगवी के बीच पुल निर्माण के लिए 316 लाख के टेंडर स्वीकृत कर कार्य प्रारंभ किया था। निर्माण एजेंसी हाईवे इंफ्रास्ट्रक्टर कंपनी इंदौर ने मई 2013 से तेज गति से कार्य कर छत स्तर तक का काम पूरा िकया है। निर्माण कार्य की 6 माह की अवधि शेष है। इस अवधि में एजेंसी को कार्य पूरा करना है। ताकि क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा मिल सके।
काम बंद होने पर ग्रामीण जितेंद्र तंवर, राकेश तंवर, भूरेसिंह तंवर, प्रहलाद तंवर भगवान सोलंकी ने कार्य को तेज गति से कराए जाने के लिए कलेक्टर को पत्र लिखा है।
सांगवी के किसान जितेंद्र मंडलोई, हुकुमसिंह मंडलोई, जगन मालवीय, देवकरण मालवीय, सुखदेव चौहान ने बताया राजस्व विभाग ने सीमांकन कर सर्वे रिपोर्ट सेतु निगम को पहुंचा दी है लेकिन विभाग ने यह खुलासा नहीं किया मुआवजा कब और कितना मिलेगा। किसानों ने सेतु िनगम के सब इंजीनियर दिलीप चौहान एसडीओ एसके अग्रवाल पर लापरवाही मनमानीपूर्ण कार्य किए जाने का आरोप लगाया है।
कितनामुआवजा देना है स्पष्ट नहीं
^शासनकी ओर से मुआवजा कितना देना है इसके निर्देश नहीं है, जैसे ही निर्देश मिलेंगे मुआवजा देकर पुल का कार्य प्रारंभ होगा। -एसके अग्रवाल, एसडीओसेतु निगम खरगोन