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रिकॉर्ड में बंद खदानों से चालू है अवैध रेत उत्खनन

7 वर्ष पहले
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नर्मदातट सहायक नदियों से काली एवं बालू रेत का अवैध उत्खनन लगातार जारी है। इसे रोकने के लिए एसडीएम ने टीम गठित कर राजस्व विभाग के पटवारी, पंचायत सचिव कोटवार को शामिल कर तत्काल कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद अवैध उत्खनन परिवहन थमने का नाम नहीं ले रहा है। अवैध रेत उत्खननकर्ता बेखौफ होकर खुदाई कर बड़ी मात्रा में रेत परिवहन करने में लगे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार खनिज विभाग में खदानें तो बंद पड़ी है लेकिन यहां अवैध रेत खुदाई कर परिवहन का सिलसिला जारी है। ग्रामीणों द्वारा अवैध उत्खनन परिवहन की लगातार सूचना देने के बाद भी राजस्व अमला इन पर नकेल नहीं डाल सका।

चिचली गांव के जितेंद्रसिंह राजपूत, अखिलेश जायसवाल, राकेशसिंह राजपूत, कालुसिंह द्वारा एसडीएम को िशकायत की थी। लेकिन यहां से अवैध रेत का परिवहन जारी है। पंद्रह दिन पहले भी एसडीएम को शिकायत की थी। वहीं गठित दल के अफसर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे राजस्व का नुकसान तो हो ही रहा है वहीं गांव के आम रास्तों की स्थिति खराब हो रही है। अवैध रेत उत्खननकर्ताओं ने गांव के कुछ लोगों को इस काम में लगा रखा है इससे कई बार आपसी टकराव की नौबतें भी खड़ी हो जाती है।

एसडीएमका दल खुदाई रोकने में नाकाम

भोईंदा,िचचली, अकबरपुरा, कठोरा, माकड़खेड़ा, लेपा, बड़गांव, महाराज बुजुर्ग, अमलाथा, बलगांव, तैलियांव में बालू रेत का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से जारी है। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में काली रेत खदानों से दोगांवा, टिगरियांव, रणगांव, बोरावां, सिपटान, देवला, सामेड़ा में अवैध खुदाई जारी है। एसडीएम द्वारा गठित दल भी अवैध उत्खनन रोकने में नाकाम रहा है।

^अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ गठित की गई टीम द्वारा कार्रवाई की जा रही है। अवैध परिवहन करने वाले वाहनों पर प्रकरण बनाए जा रहे हैं। -बीएस सोलंकी, एसडीएम

37 गांव में िनगरानी टीम की थी गठित

एसडीएमबीएस सोलंकी ने अगस्त 2014 में क्षेत्र में अवैध रेत, मुरुम, मिट्‌टी, बालू रेत, काली रेत उत्खनन परिवहन की िशकायत िमलने पर निगरानी टीम गठित कर कार्रवाई के आदेश दिए थे। टीम में तहसीलदार एसपीसिंह को नोडल अिधकारी नियुक्त किया था। प्रत्येक पंद्रह दिन में बैठक करने के अलावा क्षेत्र में अवैध कार्यो पर नजर रखने मोबाइल से सूचना दिए जाना शामिल था। 37 गांव में तहसीलदार सहित 149 कर्मचारियों को आदेश दिए थे।

एसडीएम