संगोष्ठी में वक्ताओं ने रखे विचार
> दो दिनी राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन
भास्करसंवाददाता|बड़वाह
जवाहरनेहरू शासकीय महाविद्यालय में दो दिनी राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी के दूसरे दिन पहले तकनीकी सत्र में मुख्य अतिथि पूर्व प्राचार्य डॉ. एनके सोनी थे। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. डीके गुप्ता ने की। विषय विशेषज्ञ इंदौर से पधारी डॉ. मीनाक्षी स्वामी विशेष अतिथि डॉ आरडी मेहता थे। शोध पत्रों के वाचन में डॉ अभय मुंगी ने महिला सशक्तिकरण मानव अधिकार पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा महिला तभी सशक्त होगी जब उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर जीने का अवसर दिया जाएगा। तब वह स्वयं के मन से स्वतंत्र होगी। वर्धा (महाराष्ट्र) से पधारी हुस्न तबस्सुम निंहा ने मुस्लिम महिलाओं के संदर्भ में मानवाधिकार की प्रासंगिकता विषय पर बात कही।
शोध संगोष्ठी में मौजूद अतििथ।
इन्होंने यह किया
{प्रो.रमेश औचट ने 21 शताब्दी में महिलाओं के सशक्तिकरण पर विभिन्न अनुच्छेदों को समझाया।
{डॉ. मीनाक्षी सवामी ने कहा कहने को गरीबों की कानूनी लड़ाई नि:शुल्क होती है, लेकिन आवागमन खर्च वहन किया जाना चाहिए।
{मुख्य अतिथि डॉ एनके सोनी ने कहा जहां प्रजातंत्र है उसी में मानवाधिकार सुरक्षित है।
{डॉ. आरडी मेहता ने कहा की प्रजातंत्र और मानवाधिकार का सही रूप से विश्लेषण करना होगा।