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- केस दर्ज, फिर भी 1 साल तक करता रहा स्वास्थ्य विभाग में नौकरी
केस दर्ज, फिर भी 1 साल तक करता रहा स्वास्थ्य विभाग में नौकरी
^लोकेश कोठारे खरगोन में संविदा उपयंत्री के पद पर कार्यरत था। 25 नवंबर को छुट्टी का आवेदन दिया था। 28 को उसकी गिरफ्तारी की खबर लगी। इसके बाद पत्र भेजकर सेंधवा पुलिस को केस के संबंध में जानकारी मांगी है।^ -विराजभालके, सीएमएचओ,खरगोन
पिछले साल हुआ था केस दर्ज
निवालीजनपद पंचायत की ग्राम पंचायतों में मनरेगा के कार्यों की जांच के बाद पुलिस ने पिछले साल 13 अप्रैल को 15 लोगों के खिलाफ धारा 409, 420, 46-7, 46-8, 120 बी के तहत केस दर्ज किया था। इनमें संविदा उपयंत्री लोकेश कोठारे भी शामिल हैं। कोठारे निवाली जनपद पंचायत में पदस्थ था। केस दर्ज होने के बाद से कोठारे फरार था। तभी उसने स्वास्थ्य विभाग में संविदा पद आवेदन कर चयन होने पर ज्वाइन किया। गिरफ्तार होेने के पहले तक एक साल से अधिक समय तक काम किया। 27 नंवबर को उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
भास्कर संवाददाता|सेंधवा
निवालीजनपद पंचायत में मनरेगा के कार्यों में भ्रष्टाचार के तहत खंडवा निवासी आरोपी पर पिछले साल अप्रैल माह में केस दर्ज हुआ था। उसके बावजूद उसने अगस्त माह में खरगोन स्वास्थ्य विभाग में संविदा उपयंत्री पद पर नौकरी हासिल कर ली। केस दर्ज होने के बाद भी वह एक साल तक नौकरी करता रहा, परंतु सीएमएचओ को इसकी भनक तक नहीं लगी। इसी साल नवंबर में गिरफ्तार होने के बाद सीएमएचओ को पता चला और उन्होंने जानकारी जुटाई। खरगोन सीएमएचओ विराज भालके ने स्थानीय पुलिस को पत्र भेजा है। इसके अनुसार खंडवा निवासी लोकेश कोठारे का चयन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत एमपी ऑनलाइन के माध्यम से 2013-14 में उपयंत्री संविदा सिविल पद पर कार्यालय में किया गया था। नियुक्ति होने से कोठारे 28 अगस्त 2013 से कार्यरत हैं। बिना सूचना के 28 नवंबर से अनुपस्थित है। इसी दिन समाचार पत्र में कोठारे के खिलाफ मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार के तहत केस दर्ज होनेे के चलते गिरफ्तारी की खबर छपी। इसके बाद सीएमएचओ को वस्तुस्थिति का पता चला। उन्होंने पुलिस से कोठारे के केस संबंधित जानकारी मांगी। ताकि वस्तुस्थिति से खरगोन कलेक्टर आदि को अवगत कराया जा सके।