नए साल में विवाह के हैं 64 मुहूर्त
फरवरी 8, 9, 10, 11, 15 और 22
मार्च 7, 8, 9, 10
अप्रैल 19, 21, 22, 23, 27, 28, 29, 30
मई 2, 3, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 19, 20, 24, 25,27, 28, 30, 31
जून 3, 5, 6, 7, 11, 12, 13
नवंबर 4, 5, 14, 17, 18, 19, 24, 26, 27
दिसंबर 4, 5, 7, 8, 12, 13, 14, 15
यह हैं शादियों की तारीखें
इनमें मुहूर्त नहीं
{धनुसंक्रांति (धनुर्मास) : 16दिसंबर से 14 जनवरी तक
{होलाष्टक: 26फरवरी से 5 मार्च तक
{मीनकी संक्रांति : 14मार्च से 14 अप्रैल तक
{आषाढ़अधिकमास : 17जून से 16 जुलाई तक
{देवशयनकाल : 27जुलाई से 22 नवंबर।
> ज्योतिष के मुताबिक सबसे ज्यादा वैवाहिक शुभ घड़ी मई में
भास्करसंवाददाता| बड़वानी
नएसाल 2015 में शादी के 64 मुहूर्त हैं। सबसे ज्यादा 17 मुहूर्त मई में हैं। पंडितों की माने तो नए साल में विवाह के मुहूर्त काफी ज्यादा हैं हालांकि आषाढ़ अधिक मास में एक महीने शादियां नहीं होंगी। पं. चेतन उपाध्याय ने बताया नए साल में विवाह के मुहूर्त 2014 से ज्यादा हैं। 2014 में 49 मुहूर्त थे। पंडितों के अनुसार नए साल में धनुर्मास के बाद शादियां शुरू होंगी। इसके बाद जून तक लगातार मुहूर्त हैं। 16 जुलाई तक उच्च राशि का गुरु रहेगा। 14 अप्रैल से 15 मई तक मेष (उच्च) राशि का सूर्य रहेगा। ऐसे में विवाह के लिए सिर्फ चंद्रमा का बल ही देखना होगा।