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- सड़क पर नहीं उतर पाई कांग्रेस, अलग अलग रास्तों से कलेक्टोरेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा
सड़क पर नहीं उतर पाई कांग्रेस, अलग-अलग रास्तों से कलेक्टोरेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा
यूरियासंकट कालाबाजारी को लेकर शुक्रवार कांग्रेस का सड़क पर धरना प्रदर्शन फ्लाप शो बनकर रह गया। गिनती के कांग्रेसियों ने अलग-अलग रास्तों से कलेक्टोरेट पहुंचे। यहां राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर खाद उपलब्ध कराने बर्बाद मिर्च फसल के मुआवजे की मांग की। इसके पहले कांग्रेसियों ने नारेबाजी की।
शुक्रवार दोपहर 12 बजे न्यायालय, कलेक्टोरेट मुख्य गेट कुछ गायत्री मंदिर तिराहा क्षेत्र से पहुंचे। उन्होंने शिवराज तेरी तानाशाही, नहीं चलेगी। जो सरकार निकम्मी है वो सरकार बदलनी है, के नारे लगाए। उसके बाद एसडीएम केके मालवीय को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान शहर अध्यक्ष शिव तिवारी, मनोज बार्चे, सचिन जोशी, मोहनलाल पाटीदार, जगदीश वानखेड़े, निलेश सरकानूनगो, अयाज अली, विकास पुलोरिया, रवींद्र निखोरिया, जयराज दांगी, महेश गुप्ता, गणपति परसाई, हरदीपसिंह भाटीया मौजूद थे। जिलाध्यक्ष झूमा सोलंकी के नेतृत्व में धरना रैली होना थी, लेकिन उनके सहित प्रदेश महासचिव रवि जोशी नदारद आंदोलन से नदारद थे।
कांग्रेसियों ने आरोप लगाया मुख्यमंत्री किसानों के साथ छल कर रहे हैं। सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण अन्नदाता अफसरों के सामने एक-एक बोरी खाद के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं। बोवनी बाद किसानों को खेत में होना था लेकिन वे कतार में लगकर यूरिया मांग रहे हैं। मिलीभगत से मुनाफाखोरों को फायदा पहुंच रह है। यूपीए सरकार ने पिछले साल जिले के किसानों को करीब 25 हजार मैट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया था। इस वर्ष किसानों को अब तक मात्र 11 हजार मैट्रिक टन ही यूरिया मिला है।
खाद संकट
गिनती के कांग्रेसी कलेक्टोरेट पहुंचे और नारेबाजी कर ज्ञापन सौंपा।