नर्मदा तट पर गंदगी कर हम पाप के भागी बनते हैं : बिल्लौरे
सनावद | सोलंकी कॉलोनी में चल रही संगीतमयी नर्मदा महापुराण कथा के पांचवें दिन बुधवार को कथावाचक पंडित भरत बिल्लौरे ने कहा नर्मदा अमृत है। संसार के पाप, ताप, संताप को मिटाकर शिवलोक प्रदान करती है। नर्मदा सागर तक तीर्थों का निर्माण करती है। इसके तट पर बद्रीनाथ व केदारनाथ है। नर्मदा के तट पर गंदगी कर हम पाप के भागी बनते हैं। नर्मदा के किनारे लाभ मिलना सौभाग्य की बात है। कथा महोत्सव मेंं राहुल डांस एकेडमी द्वारा निमाड़ के गणगौर गीतों पर नृत्य की प्रस्तुति दी।