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सामेड़ा किसानों ने 5 घंटे किया इंतजार, अफसर बाड़ी से ही लौटे
ओंकारेश्वरनहर परियोजना के अधिकारियों ने क्षेत्र की बाड़ी एवं खमलाय गांव में नहरों का निरीक्षण कर अवलोकन किया। समीप के गांव सामेड़ा निवासी किसान नहर सहित रास्ते की मांग संबंधित समस्या बताने के लिए कामकाज छोड़कर सुबह 11 बजे से रास्ता देखते रहे। शाम 4 बजे तक धूप गर्मी से परेशान किसान इंतजार करते रहे। बाद में पता चला कि अधिकारी बाड़ी से वापस लौट गए। भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अफसर हरकत में आए। बुधवार को कुछ स्थानों पर कार्यों का निरीक्षण किया। वहीं किसानों ने बताया अफसरों का दौरा मात्र औपचारिक था। टूटी नहरों एवं घटिया निर्माण कार्य की उच्च स्तर पर जांच संबंधित विभाग से कराई जानी चाहिए। किसानों ने आरोप लगाया कि अफसरों को किसानों के एकत्र होने की खबर लगने के बाद यहां आना जरुरी नहीं समझा। अफसर अपनी जिम्मेदारियों से बचते हुए निरीक्षण करने नहीं पहुंचे। जिला बैठक में समस्या को प्रमुखता से रखेंगे।
नहरक्षेत्र में किसानों की समस्याएं-सामेड़ा क्षेत्रमें करीब दो सौ किसानों का आम रास्ता गांव बाहर से खेतों में जाने का है। नहर निर्माण के दौरान विभाग की हठधर्मिता से रास्ते पर नहर निर्माण करवा दिया गया। इससे आवाजाही में डेढ़ किलोमीटर दूरी बढ़कर किसानों को दूसरे रास्ते से जाना पड़ रहा है। विभागीय अफसरों से इसकी कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा।
यहअफसर िनरीक्षण के लिए आने वाले थे-इंदौर सेएनवीडीए विभाग के वाइस चेयरमैन रजनीश वैश्य चीफ इंजीनियर एमएस अजनारे आने वाले थे। लेकिन इनकी जगह ईई एके श्रीवास्तव, एसडीओ बीएल वर्मा, एसडीओ कुरैशी ने निरीक्षण किया। सुबह 7 बजे इंदौर से निकले। सनावद में अवलोकन किया। 11 बजे से 4 बजे तक किसान इंतजार करते रहे।
एके श्रीवास्तव एक्जीक्युटिवइंजीनियर
सीधी बात
>किसानरास्ता देखते रहे, आप निरीक्षण करने की बजाय लौट गएω
ओंकारेश्वरनहर परियोजना कार्य 6-7 स्थानों जगहों पर पहुंचकर अवलोकन किया है। सामेड़ा में किसान इंतजार कर रहे है यह मुझे नहीं पता।
>टूटी-फूटी नहरोंके दुरुस्तीकरण के लिए आगे क्या कार्य योजना हैω
िजनकंपनी ठेकेदारों के कार्य है उनसे दोबारा निर्माण कराया जाएगा। टूट-फूट की जिम्मेदारी एक वर्ष तक संबंधित निर्माणकर्ता की रहती है।
> प्रथमचरण के नहर परियोजना का कार्य पूर्ण कब एवं कितने किमी