व्यापार से जुड़े और डॉक्टर, इंजीनियर युवकों ने सामूहिक विवाह को अपनाया
सादगीपूर्ण माहौल में शुक्रवार को ड्रीमलैंड सिटी परिसर में गायत्री पद्धति से श्री रेवा गुर्जर समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन हुआ। सम्मेलन में ऐसे युवा भी परिणय बंधन में बंधे जो पेशे से इंजीनियर, डॉक्टर या व्यापारी हैं। इन नवयुगलों ने गायत्री परिवार के संदेश- खर्चीली शादियां हमें दरिद्र और बेईमान बनाती हैं, को बखूबी समझा और इसी को आधार बनाकर फिजूलखर्ची भी रोकी। सम्मेलन में समाज के 72 जोड़े परिणय बंधन में बंधे। इस राह को अपनाकर उन नवयुगलों ने आडंबर के नाम पर खर्च होने वाले लाखों रुपए भी बचाए हैं।
ड्रीम लैंड सीटी परिसर में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत हुए समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में सुबह से ही आवाजाही बढ़ी। वर-वधू पक्ष अपने साधनों से विवाह स्थल पहुंचे। यहां समिति द्वारा सबके लिए अलग-अलग बैठक व्यवस्था रखी थी। सुबह गणेश पूजन, नवग्रह पूजन व हवन, यज्ञ के साथ गायत्री परिजन रविंद्र दुबे, रंजना यादव सहित 80 परिजन ने गायत्री पद्धति से विवाह संस्कार कराया। सुबह 11 बजे लगन लगे। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक हितेंद्रसिंह सोलंकी, नगरपालिका अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा, सीएमओ प्रेम कुमार सुमन, बोंदरसिंह मंडलोई, त्रिलोकचंद पटेल, नारायण पटेल ने नवयुगलों को आशीर्वाद दिया। सम्मेलन में लगभग 12 हजार समाजजन शामिल हुए। सामूहिक विवाह समिति अध्यक्ष रमेश मोराण्या, समाज अध्यक्ष नारायण मुकाती ने सरस्वती पूजन किया। संचालन जगदीश शाह ने किया। आभार अनिल चौधरी ने माना। आयोजन में लक्ष्मीनारायण पटेल, ईश्वर मुछाला, लेखराम पटेल, कमल पटेल, सत्यनारायण पाटिल, डाॅ. कमलेश चौधरी, रेवाराम पटेल, इंदर लोणकर, दुलीचंद बिरला, भोलेनाथ बिरला, ईश्वर कानापुरिया, मोहन मलगाया, घनश्याम पटेल, रामजी पटवारिया, मनीष मुछाला, अंतिम पाटील, जगदीश मुछाला, ठाकुर बिर्ला, रामकिशन बिर्ला, राधेश्याम बिर्ला, दशरथ पटेल, गजेंद्र पटेल, सुभाष पाटिल, सहित सदस्यों का सहयोग रहा।
बासवा | ग्राम बमनगांव में शुक्रवार को सामूहिक विवाह सम्मेलन हुआ। इसमें रेवा गुर्जर समाज के पांच जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। पंडित महेश कुमार चौरे ने विवाह कराया। समिति अध्यक्ष अनोकचंद बोबड़िया ने नवयुगलों को आशीर्वाद दिया।
सामूहिक विवाह सम्मेलन में 60 जाेड़े परिणय बंधन में बंधे
बलवाड़ा | ग्राम सेल्दा में शुक्रवार को वसंत पंचमी पर गुर्जर समाज का मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह सम्मेलन हुअा। इसमें 60 जोड़े परिणय बंधन में बंधे। आयोजनकर्ता बलराम पटेल ने सभी वधुओं को सोने का मंगलसूत्र, चांदी की बिछिया व पांच बर्तन दिए। सम्मेलन में खंडवा, इंदौर, देवास, धार, खरगोन जिले के जोड़े आए थे। सांसद सुभाष पटेल, पूर्व सांसद कृष्णमुरारी मोघे, विधायक राजकुमार मेव, भूपेंद्र अार्य, कमल गुर्जर, सेल्दा सरपंच संगीताबाई, ग्यारसीबाई ने वर-वधुओं को आशीर्वाद दिया। इस दौरान एसडीएम मधुवंतराव धुर्वे, तहसीलदार अवधेश चतुर्वेदी, विनोद सोंतले, पप्पू भादर, तुलसीराम मोटा, विष्णु यादव, धर्मेंद्र पंवार मौजूद थे। आभार सुरेंद्र बलराम पटेल ने माना।
घर से शादी में एक जोड़े पर औसतन खर्च 3 लाख
पूर्व सांसद व गुर्जर महासभा के अध्यक्ष ताराचंद पटेल ने बताया परिवार यदि घर से शादी करता है तो दोनों पक्षों का औसतन खर्च 3 लाख रुपए होते हैं। यदि 72 जोड़ों का घर से विवाह होता तो सामूहिक खर्च 2.16 करोड़ रुपए होता। इस सम्मेलन में एक परिवार को महज 50 हजार रुपए तक खर्च हुआ है। इस लिहाज से 72 परिवारों का खर्च 36 लाख रुपए होगा। इन 72 परिवाराें ने शादी-ब्याह में खर्च होने वाले 1.80 करोड़ रुपयों की बचत की है।
नवयुगल इंजीनियर, दोनों ने सामूहिक शादी की
इंदौर के प्रवीण व शर्मिला दोनों ही इंजीनियर है। माह का वेतन 25 से 30 हजार है। लेकिन दोनों ने सामूहिक विवाह सम्मेलन में शादी की। नवयुगल ने बताया फिजूलखर्ची को रोककर भविष्य के लिए राशि बचाई है। एफडी करेंगे। व्यापार से जुड़े दिनेश का भी यही सोचना है।
ड्रीम लेंड सीटी परिसर में श्री रेवा गुर्जर समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन हुआ। इसमें 72 जोड़े परिणय बंधन में बंधे।