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खेत में पड़ने लगी दरारें, खाद नहीं तो सिंचाई नहीं

7 वर्ष पहले
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अफसरों को किसानों ने खेतों में आकर समस्या देखने की सलाह दी

भास्करसंवाददाता|खरगोन

जिलेको 30 हजार मैट्रिक टन यूरिया की जरूरत है। मिला सिर्फ 12 हजार हजार मैट्रिक टन ही। केंद्रों पर किसानों के हंगामे की स्थिति से पुलिस लगाना पड़ रहा है। प्रशासन पर्याप्त खाद होने की बात कह रहा है लेकिन केंद्रों पर स्टॉक की कमी बताई जा रही है। कलेक्टर नीरज दुबे ने बैठक लेकर खाद संकट नहीं होने का दावा किया है। जमीनी हकीकत यह है कि किसानों को जरूरत के लिहाज से खाद नहीं मिल रहा है। दूसरी ओर 18 हजार मैट्रिक टन की मार्कफेड प्रबंध संचालक को डिमांड भेजी गई है। अफसरों के दावे की जमीनी सिंचाई का भास्कर टीम ने पता लगाया। कुछ गेहूं के खेतों में खाद डालने से दरारें पड़ने लगी है। खाद नहीं डलने से सिंचाई नहीं होने की स्थिति बन गई है। जो खाद मिला उससे एक-चौथाई रकबे की डिमांड भी पूरी नहीं हो पाई। किसानों का कहना है, अफसर खेतों में आकर देखें, तो समस्या की गंभीरता का पता चलेगा। इधर, गुरुवार को भी खाद की रैक नहीं पहुंची। अब शनिवार आने की उम्मीद है।