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विचाराधीन कैदी ने जिला अस्पताल में दिया बच्चे को जन्म

7 वर्ष पहले
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जिलाअस्पताल के मेटरनिटी वार्ड में चार दिन से भर्ती महिला कैदी ने बुधवार को लड़के को जन्म दिया। महिला बच्चा दोनों स्वस्थ है। उसकी सुरक्षा के लिए महिला आरक्षकों को तैनात किया गया। भाई मंडलेश्वर और मां साथ में जेल में होने से दो अन्य महिला कैदियों ने उसे रक्तदान किया। जानकारी के अनुसार आरोपी महिला भाई द्वारा लड़की भगाने में सहयोग के लिए सात माह से खरगोन उपजेल में बंदी है। मंगलवार शाम 6.21 बजे 27 वर्षीय इंदौर निवासी महिला ने नार्मल डिलेवरी से बच्चे को जन्म दिया। जेलर अतुल सिन्हा ने बताया सात माह से विचाराधीन इंदौर निवासी महिला उसकी मां जेल में बंद है। महिला का भाई आठ माह पहले एक लड़की भगाकर ले गया था। महिला उसकी मां ने सहयोग किया था। इसके चलते तीनों को जेल हुई थी। चार दिन पहले महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उसने बुधवार शाम को तीन किग्रा के बच्चे को जन्म दिया।

दोकैदियों ने दिया खून - डिलेवरीके पहले महिला का केवल 8 ग्राम खून था। डॉक्टरों ने जल्द पॉजीटिव खून की व्यवस्था के लिए कहा। पुलिसकर्मियों ने जेलर श्री सिन्हा को सूचना दी। इसके बाद जेलर ने कैदी अजीज राधेश्याम ने जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां दोनों ने खून दिया। महिला के साथ आरक्षक एम.एस. शाक्य, रिंकी संजीदा ही चार दिनों से ड्यूटी पर तैनात है। तीनों ने ही परिजनों का दायित्व निभाया।