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आगजनी, बाढ़ और रेल हादसों में सावधानी बरतने के गुर बताए

7 वर्ष पहले
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मंगलवारको शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल नाचनखेड़ा में छठी बटालिन राष्ट्रीय आपदा मोचन बल द्वारा विद्यार्थियों को आपदाओं से निपटने के गुर सिखाए। विद्यार्थियों को बताया कैसे प्राथमिक इलाज से परिवार के सदस्यों और मित्रों की जान बचा सकते हैं। हादसे के समय बहते खून को रोकना, हार्ट अटैक वाले व्यक्ति का प्राथमिक इलाज, बच्चे द्वारा कोई वस्तु निगलने पर निकालना, भूकंप, सुनामी, चक्रवात, बाढ़, आगजनी, रेल हादसों के समय क्या सावधानी बरतना है, बताया गया।

दल के सदस्यों ने बताया भूकंप आने पर तत्काल घरों से बाहर निकलेें। नहीं निकल पाए तो कोने में सिकुड़कर बैठ जाए। सिर पर चार इंच की दूरी पर कोई भी वस्तु बस्ता, तकिया रखे। इससे बचाव हो सकता है। बच्चा यदि कोई वस्तु निगलता है तो उसे उल्टा कर मुंह नीचे की ओर करें और पीठ पर हल्के से पांच बार थप्पी दें। पलटाकर छोटी तर्जनी की उंगली से मुंह से वस्तु निकाल लें।

बच्चोंको दिखाया डेमो - टीममें कमांडर राजकुमार, मिथिलेश कुशवाह, ओपी राय, अखिलेश कुमार सहित अन्य ने डेमो बचाव के लिए विभिन्न तरीकों का डेमो दिखाया। यह दल सी/06 बटालियन गांधीनगर गुजरात से आया है। बटालियन कमांडो आर एस जून के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। टीम में 35 सदस्य शामिल हैं। इस दौरान अरुण पवार, विजय भोलानकर, राजेन्द्र चौहान, विजय चौधरी, गोपाल राठौर, राजेश पाटील, प्रदीप शिवहरे, रेखा महेन्द्र, मनीषा गोयल, नीलम काबले, आशा जउतकर, दीपाली पाटील आदि शिक्षकों सहित ग्राम के सरपंच बडीराम चौधरी एवं ग्रामीण उपस्थित थे।

ट्रेनिंग के दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

हादसे के समय रक्त प्रवाह रोकने के लिए कपास या कपड़ा रखकर दबाव बनाएं। खून नहीं रुकता तो कपड़े या रूमाल से बांध दें। दस मिनिट के बाद कुछ समय के लिए यह गठान खोल दें और फिर बांध दें। बारिश के दौरान सबसे अधिक खतरा निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को बाढ़ का होता है। बाढ़ से बचने के लिए तैयारी करना चाहिए। पिछली बार आई बाढ़ का कितना था। इसका पता होना चाहिए। मकान ऊंचे स्थान पर बनाएं। घर निचलेे क्षेत्र में हो तो इसे बाढ़ रोधी बनाए। बाढ़ के दौरान शुद्ध पानी ही पीएं। जरूरी दवाइयाें की व्यवस्था होना चाहिए।

ऊंचे स्थान पर बाढ़ रोधी घर बनाएं