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कांग्रेस का दो जनपदों पर कब्जे का दावा

6 वर्ष पहले
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लोकसभाऔर विधानसभा चुनाव में बुरी तरह हार का सामना करने वाले कांग्रेस नेताओं को पंचायत चुनाव परिणाम ने हिम्मत दिलाई है। कांग्रेसजनों की मानें तो दोनों जनपदों पर कांग्रेस का स्पष्ट बहुमत है। अब तक घोषित हुए जिला पंचायत सदस्यों के कुल 6 वार्डों में से 4 कांग्रेस समर्थित बताए जा रहे हैं।

पहले और दूसरे चरण के मतदान के फिलहाल परिणाम घोषित नहीं हुए है, लेकिन मतगणना के मतदान केंद्र वार मिले प्राप्त मतों को जोड़कर प्रत्याशियों ने अपनी जीत-हार तय कर ली है। कांग्रेस नेताओं की मानें तो शाजापुर और मो. बड़ोदिया दोनों जनपद पंचायतों में कांग्रेस को समर्थन मिला है। शाजापुर जनपद के कुल 25 वार्डों में से 14 सदस्य कांग्रेस के बताए जा रहे हैं, तो मो. बड़ोदिया के 25 वार्ड में से कांग्रेस ने 16 सदस्यों की जीत का दावा किया है। यदि कांग्रेस का दावा सही निकला तो दोनों जनपद पंचायतों में अध्यक्ष कांग्रेस का बनना तय है।

अबजिपं पर नजर -कांग्रेस कीनजर अब सीधे जिला पंचायत पर टिकी है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामवीरसिंह सिकरवार की मानें तो जिला पंचायत के कुल 11 वार्ड हैं। इसमें से 6 के परिणाम चुके हैं। इसमें से 4 वार्डों में कांग्रेस का कब्जा है। शेष बचे 5 वार्डों में से दो वार्ड कांग्रेस के सुरक्षित वार्ड है, यानी 11 में से 6 सदस्य तो कांग्रेस के रहेंगे।

ऐनवक्तपर बदल सकते हैं परिणाम- जनपदऔर जिपं सदस्य के चुनाव से दोनों पंचायतों के अध्यक्ष चुने जाएंगे। यहां अध्यक्ष को चुनने के दौरान परिणाम कुछ भी हो सकता है। जीते हुए सदस्य कब अपनी पारी बदल लें। इसका कोई भरोसा नहीं है। पार्टी पदाधिकारियों को भी इसका पहले से अनुमान है। यही वजह है कि संभावित जीते हुए प्रत्याशी की पहले से निगरानी शुरू कर दी है।

दावपर वरिष्ठों की साख -पहले विधानसभाचुनाव में खुद हार का सामना करना। उसके बाद लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस की हार के बाद पूर्व विधायक हुकुमसिंह कराड़ा की साख पर प्रश्न चिह्न लग गया था। कुछ की मानें तो उन्होंने कांग्रेस की इस हार का जिम्मा ही पूर्व विधायक के सिर मड़ दिया था। ऐसे में पंचायत चुनाव में पूर्व विधायक कराड़ा की साख दाव पर लगी थी। पार्टी में चल रही इस चर्चा को लेकर विधायक ने गंभीरता दिखाई और रणनीति तैयार कर अपने समर्थकों को मैदान में उतारा। हाल ही में सामने आए पंचायत चुनाव के परिणाम में पूर्व विधायक कराड़ा ने फिर अपनी ताकत दिखा दी है।

जनपद के साथ जिपं पर भी परचम फहराएंगे

^दोनोंजनपद पंचायतों पर कांग्रेस के ज्यादा सदस्य निर्वाचित हुए हैं। जिला पंचायत के लिए भी अब तक घोषित हुए कुल 6 सदस्यों के परिणामों में से 4 कांग्रेस के सदस्य हैं। शेष बचे 5 वार्डों में से 2 वार्ड पहले से कांग्रेस के लिए सुरक्षित है। ऐसे में जिला पंचायत पर भी अब कांग्रेस का कब्जा जमाएंगे। रामवीरसिंहसिकरवार, कांग्रेस जिलाध्यक्ष

अब सारे परिणाम भाजपा के पक्ष में मिलेंगे

^शाजापुरऔर मो. बड़ोदिया जनपद क्षेत्र को कांग्रेस यदि सुरक्षित मान रही है तो यह गलत है। शाजापुर जनपद में स्थिति असमंजस मं है। फिलहाल कार्यकर्ता सदस्यता अभियान में जुड़ गए थे। इस कारण चुनाव प्रचार के लिए ज्यादा काम नहीं कर सके है। अब शेष बचे शुजालपुर और कालापीपल दोनों जनपदों में भाजपा को सफलता मिलेगी। नरेंद्रसिंहबैस, भाजपा जिलाध्यक्ष शाजापुर

जिपं जपं सदस्यों के परिणाम 27-28 को

शाजापुर| गत5 फरवरी को हुई मो. बड़ोदिया जपं के जिपं जपं सदस्यों के प्राप्त मतों की रविवार को गणना हुई। मो. बडोदिया जपं परिसर में सुबह 7.30 बजे से मतगणना शुरू हुई जो शाम तक चली। अधिकारिक तौर पर प्रशासन ने परिणाम घोषित नहीं किया। लेकिन मतदान केंद्रवार प्राप्त मतों के आंकड़े जुटाकर प्रत्याशी उनके समर्थकों ने खुद ही जीत-हार का फैसला कर लिया। पंचायत निर्वाचन के तहत द्वितीय चरण जिले की मो. बड़ोदिया जिपं एवं जपं सदस्यों के मतों की गणना शाम तक पूरी हो गई। मतगणना में जिपं के 3 वार्ड (4, 5 और 6), जबकि जपं के कुल 25 वार्ड शामिल हैं। जिपं सदस्यों के कुल 3 पदों के लिए 18 और जपं के कुल 25 वार्डों से 144 प्रत्याशी मैदान में थे। इनके प्राप्त मतों की गणना करने के लिए 25 टेबल्स लगाई गई। अपर कलेक्टर आर.पी. भारती, डिप्टी कलेक्टर वंदना मेहरा, तहसीलदार गुलाना अनिरुद्ध मिश्रा एवं तहसीलदार मो. बड़ोदिया अनिल कुशवाह को स.रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया था। गणना स्थल पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र तारणेकर, अनुविभागीय अधिकारी लक्ष्मी गामड़, उप जिला निर्वाचन अधिकारी रणजीत कुमार, एसडीओपी डॉ. अरविंदसिंह, सीईओ जनपद पंचायत पुरुषोत्तम शर्मा भी मौजूद रहे।