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मां के साथ नौनिहाल और परिजनों की भी परीक्षा
महिलाबाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक के लिए रविवार को हुई परीक्षा में प्रतिभागी महिलाओं के साथ उनके नौनिहालों को भी परीक्षा देना पड़ी। हिंदी, अंग्रेजी और गणित के प्रश्नों में उलझी कई माताओं को बच्चों की चिंता भी सताती रही। दूधमुंहे कुछ बच्चे तीन घंटे का लंबा समय बिताते हुए परेशान हो गए और रो-राे कर बुरा हाल हो गया। उन्हें लेकर बाहर बैठे परिजन भी समझाने की मशक्कत करते रहे। इस बीच कुछ बच्चे को पुलिस सुरक्षा में माताओं ने परीक्षा छोड़ दूध पिलाया। परीक्षा सुबह रविवार 9 बजे शुरू हुई। इसमें जिले की 3110 परीक्षार्थी के लिए 8 परीक्षा केंद्र बनाए थे। इसमें से कुल 2950 महिलाएं परीक्षा में उपस्थित और 160 परीक्षार्थी महिलाएं अनुपस्थित रहीं। परीक्षा का प्रथम प्रश्नपत्र सुबह 9 से 12.15 और द्वितीय दोपहर 2 से 5.15 बजे तक लिया गया।
पर्यवेक्षक पद के लिए हुई परीक्षा में महिलाएं अपने छोटे नौनिहालों को साथ लेकर परीक्षा देने पहुंची। बच्चों को पति या परिजन बाहर बहलाते रहे। परीक्षा केंद्र उत्कृष्ट विद्यालय पर गांव नंदापुर तहसील शुजालपुर से आई रचना परमार चार माह के बच्चे को पति के पास छोड़ परीक्षा देने पहुंची। सुबह 9 बजे परीक्षा में सम्मिलित होकर प्रश्नपत्र हल कर रही थी। बच्चे को बाहर पति बहला रहा था। लेकिन सुबह 9 बजे से मां से जुदा हुआ बच्चा ज्यादा थोड़ी देर बाद जोर-जोर से रोने लगा। पिता ने बच्चे को चुप रखने के बहुत प्रयास किए लेकिन भूख के कारण बच्चा चुप नहीं हो सका। अंत में पिता से बच्चे का रोना देखा नहीं गया और बच्चे को लेकर परीक्षा सेंटर पर तैनात महिला एएसआई इंद्रा कुशवाह को सारी परिस्थिति से अवगत कराया। इसके बाद महिला एएसआई कुशवाह ने बच्चे को लिया और परीक्षा केंद्राध्यक्ष से बात की। तब कहीं जाकर बच्चे को पुलिस की मौजूदगी में मां को एक कक्ष में बुलाकर बच्चे को दूध पिलाया। इसके बाद बच्चे का रोना बंद हो सका। दूध पिलाने के बाद बच्चे को वापस पिता के पास छोड़ दिया।
परीक्षा के दौरान शिशु को दूध पिलाने मां के पास ले जाती एएसआई कुशवाह।