जनसुनवाई में गिने-चुने आवेदक ही पहुंचे
शाजापुर|जनसुनवाई केदौरान इस बार गिने-चुने आवेदक ही पहुंचे। सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक तीन घंटे में सिर्फ 21 आवेदक की पीड़ा सुनाने पहुंचे। आवेदकों की पर कलेक्टर प्रमोद गुप्ता और एसपी अविनाश शर्मा ने समस्याओं का मौके पर ही निपटारा कराया। साथ ही अधिकारियों ने आवेदकों को निपटारा कार्ड भी वितरित किए। शेष आवेदनों का समय सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में विद्युत वितरण कंपनी से संबंधित 6 आवेदन, अग्रणी बैंक से संबंधित 3, अनुविभाग शुजालपुर से संबंधित 2, मुख्य नपा अधिकारी शाजापुर एवं मो. बड़ोदिया अकोदिया से संबंधित 1-1, सीईओ जिपं शाजापुर, सीईओ जपं शाजापुर, सीईओ जपं मो. बड़ोदिया, प्रधानमंत्री सड़क, तहसीलदार कालापीपल, सीएमएचओ शाजापुर, जल संसाधन शाजापुर तथा श्रमायुक्त शाजापुर से संबंधित 1-1 आवेदन प्राप्त हुए। एसडीएम शाजापुर लक्ष्मी गामड़, शुजालपुर एच.एस. चुंडावत आदि जिला अधिकारी एवं तहसीलदार एवं जपं सीईओ उपस्थित थे।
आगर: जनसुनवाई में 108 आवेदन आए- आगर-मालवा|मंगलवार कोहुई जन सुनवाई में जिले के 108 आवेदक कलेक्टर विनोद शर्मा के समक्ष आवेदन लेकर पहुंचे। कुछ का मौके पर निराकरण किया तो कुछ आवेदन संबंधित विभाग को निर्धारित समयसीमा में हल करने के निर्देश दिए। बीपीएल सर्वेसूची में नाम जोड़ने, ऋण पुस्तिका उपलब्ध कराने, मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने, भूमि का सीमांकन कराने आदि से जुड़े आवेदन प्राप्त हुए। आवास योजना का लाभ देने के लिए रिश्वत की मांग करने की शिकायत ग्राम सामगी के जीवनसिंह ने की। कलेक्टर ने सीईओ को जांच के निर्देश दिए।
पहलीबार हुई जनसुनवाई में मात्र चार आवेदन आए- सुसनेर|आगर जिलेके नए कलेक्टर विनोद शर्मा के निर्देश पर आम नागरिकों की समस्याओं को सुनने और उन्हें हल करने के लिए प्रति मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई मंगलवार को पहली बार जनपद पंचायत के सभागृह में आयोजित की गई। इसमें पूरी तहसील के कई विभागों के अधिकारी एकसाथ मौजूद रहे। लेकिन प्रचार-प्रसार नहीं होने के कारण मात्र चार लोग ही शिकायत लेकर पहुंचे।प्रचार-प्रसार के अभाव में पहली बार जनसुनवाई का कार्यक्रम फ्लॉप शो साबित हो गया। तहसील मुख्यालय पर होने वाली जनसुनवाई में अधिकांश अधिकारी अपने कार्यालयों में ही मौजूद नहीं रहते थे। इस वजह से सुनवाई की आस लेकर आने वाले लोग निराश होकर लौट जाते थे। लोगों के आवे