चार कॉलेजों में नहीं लगी बायोमैट्रिक
उच्च शिक्षा विभाग से निर्देश मिलने और जनवरी से नया सेमेस्टर सत्र शुरू होने के बाद भी जिले के चार सरकारी कॉलेजों में अब तक बायोमैट्रिक थंब इंप्रेशन मशीन नहीं लगी है। मशीन नहीं लगने से स्टाफ सदस्य अब भी रजिस्टर पर ही अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। मामले में उच्च शिक्षा उज्जैन संभाग की अतिरिक्त संचालक उषा श्रीवास्तव से निर्देश मिलते ही मंगलवार को जिले के लीड बीएसएन कॉलेज में ताबड़तोड़ में अधीनस्थ महाविद्यालयों के प्रभारी प्राचार्यों की बैठक बुलाई गई।
बायोमैट्रिक मशीन लगने के संबंध में संबंधितों को संभागीय अधिकारी की पेपर लेस अटेंडेंस के मुद्दे की गंभीरता और वस्तुस्थिति से अवगत कराया। लीड कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. वी.के. शर्मा ने बताया उच्च शिक्षा, उज्जैन संभाग की अतिरिक्त संचालक द्वारा सोमवार को सभी अग्रणी कॉलेज प्राचार्यों की बैठक ली गई थी। जिसमें बायोमैट्रिक मशीन सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा के बाद निर्देश भी दिए गए। एडी से प्राप्त निर्देश पर मंगलवार को बायोमेट्रिक के संबंध में जिले के अधीनस्थ कॉलेजों के प्रमुखों की बैठक आयोजित की गई। वैसे तो जिले की स्थिति अच्छी सामने आई है। 10 में से सिर्फ 4 कॉलेजों में ही अभी बायोमैट्रिक नहीं लग पाई है। इनमें शुजालपुर का जेएनएस कॉलेज सहित पोलायकलां, मो. बड़ोदिया और नलखेड़ा कॉलेज शामिल हैं। बैठक में नौ कॉलेजों से ही संस्था प्रभारी सहित लीड कॉलेज की तकनीकी समिति से जुड़े डॉ. अरुण बोड़ाने भी मौजूद रहे।
मशीन लगने में क्यों इतनी देरी-लीड कॉलेज प्रभारी प्राचार्य डॉ. शर्मा ने बताया उक्त चार कॉलेज प्रबंधनों ने भी पूर्व में प्राप्त निर्देश पर बायोमैट्रिक लगवाने ऑर्डर तो दिए थे। संबंधित कंपनी को 6 महीने में मशीन सप्लाई करना थी। समय सीमा निकलने के बाद भी मशीनें सप्लाई नहीं हो सकीं।
अागे क्या- अब चारों कॉलेज प्रबंधनों को संस्था में बायोमैट्रिक लगाने के लिए नए सिर से ऑर्डर भेजना पड़ेंगे। करीब एक-दो महीने प्रक्रिया पूरी होने में लगेंगे। मो. बड़ोदिया कॉलेज में जन भागीदारी समिति नहीं होने से वहां यह मशीन लगना संभव प्रतीत नहीं हो रहा।
लीड कॉलेज में हुई बैठक में स्थिति से अवगत होते अधीनस्थ कॉलेजों के प्रभारी प्राचार्य।
नया सत्र शुरू