स्वाइन फ्लू से बिजलीकर्मी की मौत
गतदिनों झोंकर में स्वाइन फ्लू के दो मरीजों की पुष्टि होने के बाद गुरुवार को कालापीपल के एक मरीज की स्वाइन फ्लू से मौत का मामला सामने आया है। इंदौर से मिली सूचना के बाद सीएमएचओ कालापीपल पहुंचीं और मृतक के परिजनों की जांच की। नगर का मुआयना करते समय गलियों में जमा गंदगी को देख उन्होंने एतराज जताया और नगर परिषद के कर्मचारियों को सफाई व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।
मस्जिद मोहल्ला निवासी लाइनमैन के पद पर कार्यरत 55 वर्षीय मरीज की बुधवार रात इंदौर के एमवाय अस्पताल में मौत हो गई। मरीज को दोपहर में एमवाय अस्पताल में दाखिल किया गया था। मरीज को 15 दिन से बुखार की शिकायत थी। निजी सरकारी अस्पताल में इलाज कराने के बाद परिजन उन्हें शुजालपुर ले गए। यहां से उसे बुधवार को इंदौर रैफर कर दिया। दोपहर को एमवाय अस्पताल में उन्हें स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती किया। इलाज के दौरान देर रात मरीज की मौत हो गई। मृतक को स्वाइन फ्लू की पुष्टि सीएमएचओ डॉ. गवली ने एमवाय अस्पताल इंदौर के प्रभारी से फोन पर चर्चा करने के बाद की।
परिजनोंकी जांच की, एहतियात के सुझाव दिए- नगरके एक व्यक्ति की स्वाइन फ्लू से मौत होने की सूचना मिलने के बाद गुरुवार दोपहर को ही स्वास्थ्य अमला हरकत में गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम मस्जिद मोहल्ले पहुंची आैर घर-घर जाकर स्लाइड बनाई। मृतक का अंतिम संस्कार उसके ग्राम बावड़ीखेड़ा में किया। वहां भी शुजालपुर से स्वास्थ्य टीम पहुंची। टीम ने मृतक के परिजनों की जांच की। मृतक की प|ी और पौत्र को भी बुखार की शिकायत है।
सीएमएचओने निरीक्षण किया- सीएमएचओडॉ. गवली ने भी नगर की गलियों का दौरा किया। गलियों में फैली गंदगी खुलेआम घूमते सुअरों को देख उन्होंने नाराजी जताई। स्वास्थ्य टीम नप टीम को आवश्यक निर्देश दिए।
नोटिसदिए- कईगलियों में इतनी गंदगी है कि वहां से गुजरना मुश्किल है। गलियों में सूअरों की भरमार है। सीएमएचओ के साथ नगर का मुआयना करने पहुंचे नप कर्मचारियों ने सूअरों को देख सूअर मालिकों को नोटिस जारी कर दिए।
2की मौत, 4 पॉजीटिव, एक स्वस्थ होकर घर पहुंचा
शाजापुर|गुरुवारतक शाजापुर आगर दोनों जिलों में मिलाकर 4 लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इसमें से दो की मौत हो चुकी है। इसमें एक सुसनेर के समीप माणा निवासी महिला और एक गुरुवार को कालापीपल निवासी अधेड़ की मौत हो चुकी है। झोंकर के एक स्वाइन फ्लू के मरीज का फिलहाल इलाज इंदौर में चल रहा है। वहीं झोंकर एक अन्य संदिग्ध मरीज के पिता ने बताया उनका पुत्र उज्जैन माधवनगर से बिल्कुल स्वस्थ होकर पुन: घर गया है। संदिग्ध मरीजाें को देखें तो अब तक करीब 7 मरीज हैं। जिन्हें सर्दी-खांसी, बुखार आदि स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। हालांकि उनकी अभी जांच नहीं हो सकी है।
गलियों में फैली गंदगी देख नाराजगी जताजीं सीएमएचओ डॉ. गवली।
देहरीपाल पहुंचीं सीएमएचओ
कानड़/चौमा| गुरुवारशाम करीब 6 बजे शाजापुर सीएमएचओ डाॅ. अनुसुइया गवली सिन्हा ने ग्राम देहरीपाल जाकर स्वाइन फ्लू से हुई महिला की मौत को लेकर ग्राम का भ्रमण किया। करीब 103 सर्दी-जुकाम से पीड़ितों की जांच विभागीय टीम ने की। 55 व्यक्तियों की स्लाइड बनाई। जानकारी के अनुसार ग्राम में नालियाें की सफाई नहीं होने से गंदा पानी गांव के आसपास भरा हुआ है। इससे बीमारी फैलने की आशंका है। आठ दिन पूर्व गांव की 35 वर्षीय महिला की स्वाइन फ्लू से संदिग्ध स्थिति में इंदौर के एक निजी अस्पताल में मौत हुई थी। मृतका की भाभी को भी सर्दी-खांसी बुखार होने के कारण विभाग टीम ने खून आदि का सेंपल लिए हैं। डॉ. गवली के साथ मो. बडो़दिया बीएमओ डाॅ. मनोज पंचोली, सुपरवाइजर राजेश भारतीय विभाग के सदस्य मौजूद थे। डाॅ. गवली ने ग्रामीणों से कहा जिसे भी खांसी, बुखार या सांस जैसी चलने की तकलीफ हो, वह तत्काल नजदीकी अस्पताल जाकर जांच करवाएं दवाई लेें।