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जिले के 10 सरकारी कॉलेजों में नहीं लगी स्वैप मशीन

5 वर्ष पहले
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सरकारी कॉलेजों में कैश लेस ट्रांजेक्शन की व्यवस्था लागू करने के मामले में जिला अब भी पीछे है। 12 दिसंबर को उच्चशिक्षा आयुक्त से निर्देश मिलने के बाद जिले के दसों सरकारी काॅलेजों ने अपनी-अपनी संस्थाओं में स्वैप मशीन लगवाने बैंकों को आवेदन तो दे दिए। लेकिन एक भी कॉलेज में मशीन आज तक नहीं लगी।

कैश लेस नहीं हो पाने की स्थिति में विभागीय कार्रवाई से बचने कुछ कॉलेजों ने चालान छपवाने की तैयारी कर ली है। जबकि कुछ पहले से ही चेक, चालान से नकद रहित व्यवहार कर रहे हैं। बैंकों में पहले से भीड़-भाड़ रहने से यह जरिया भी चुनौती से कम नहीं। इन हालातों में स्पष्ट है कि जिले के सरकारी कॉलेजों की केश लेस प्रक्रिया फिलहाल कागजों में ही सिमटी है। नकद रहित व्यवहार की आसान सुविधा समय पर नहीं मिली तो नए सत्र में जिलेभर में आठ हजार से ज्यादा विद्यार्थी परेशान होंगे।

मशीन नहीं तो प्रशिक्षण भी नहीं- शासन के यह निर्देश भी थे कि नकद रहित व्यवहार डेबिट कार्ड, पेटीएम, मोबाइल बैंकिंग आदि के जरिये करने के संबंध में छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाए। लेकिन जिले के छह-सात कॉलेजों ने स्वैप मशीन नहीं लगने के कारण छात्रों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम तक नहीं करवाए।

आगे क्या- सरकारी काॅलेजों में नया शिक्षा सत्र जून से शुरू होगा। बैंकिंग प्रबंधन मशीनों की ऊपर से सप्लाय पुअर होना बता रहे हैं। फरवरी तक मशीनें मिलने के संकेतभर हैं। मशीनें एेन मौके पर लगी और छात्रों के कार्ड नहीं बने तो शुरुआत में ही उन्हें इस प्रक्रिया को करने में मुसीबतें झेलना पड़ेंगी।

मशीन के लिए आवेदन दिया है
जिले के सभी शासकीय कॉलेज प्रबंधन स्वैप मशीन लगवाने आवेदन दे चुके हैं। बैंकों से ही मशीनें उपलब्ध नहीं हो पा रही। कैश लेस ट्रांजेक्शन के लिए फिलहाल चेक, चालान को जरिया बनाया जा रहा है। मशीनें लगते ही यह सुविधा भी छात्रों को उपलब्ध कराई जाएगी। डॉ. वी.के. शर्मा, प्रभारी प्राचार्य, लीड कॉलेज

कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं

स्वैप मशीन की सप्लाय अभी पुअर थी। जल्द ही पर्याप्त मशीनें मिलने पर कॉलेजों को उपलब्ध होगी। काॅलेज प्रबंधन ज्यादा देरी होने की स्थिति में हमारे कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। अरुण गुप्ता, अग्रणी जिला प्रबंधक

कॉलेजों में अभी कहां क्या हालात
लीड बीएसएन कॉलेज, गर्ल्स कॉलेज शाजापुर, जेएनएस कॉलेज शुजालपुर, आगर नेहरू कॉलेज सहित मो. बड़ोदिया, पोलायकलां, मक्सी, कालापीपल, सुसनेर, नलखेड़ा कॉलेज प्रबंधन स्वैप मशीन लगवाने बैंकों को आवेदन कर चुके हैं। अभी प्रवेश प्रक्रिया आदि नहीं होने से कार्यालयीन कामकाज चेक के जरिये हो रहे हैं। टीसी, उपाधि देने जैसे कामों के लिए लीड व मो. बड़ोदिया काॅलेज चालान छपाने की तैयारी में है। शुजालपुर, सुसनेर, नलखेड़ा कॉलेजों में चालान, चेक को जरिया बनाया जा चुका है। जबकि शासन के यह स्पष्ट निर्देश हैं कि कॉलेजों में लेन-देन संबंधी काम सिर्फ डेबिट/क्रेडिट कार्ड या अकाउंट पेयी चेक से ही किया जाना है। चालान का कहीं उल्लेख ही नहीं है।

परेशानी
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