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दो गांवों में एक भी मरीज नहीं, स्वास्थ्य विभाग मनाएगा आस्था कुष्ठ विजय उत्सव
पिछले पांच वर्षों में विकासखंड के दो ग्रामों में एक भी कुष्ठ रोगियों के नहीं मिलने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग ने विकासखंड के दो ग्रामों को कुष्ठ रोग से मुक्त घोषित किया है। स्वास्थ्य विभाग आगामी 24 व 27 फरवरी को इन ग्रामों में आस्था कुष्ठ विजय उत्सव मनाने जा रहा है। इसके तहत विकासखंड के ग्राम बडिया तथा बामनियाखेड़ी का चयन किया गया है। इन ग्रामों में पिछले पांच वर्षों में एक भी कुष्ठ का रोगी नहीं मिला है।
इसके तहत ग्राम बडिया में 24 फरवरी तथा बामनियाखेड़ी में 27 फरवरी को शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसमें इन ग्रामों के अलावा आसपास के ग्रामों के ग्रामीण भी शामिल होंगे। शिविर में कुष्ठरोग के संबंध में जानकारी दी जाएगी। इस कार्यक्रम में इन ग्रामों की ग्राम पंचायत के सरपंच और पंच भी मौजूद रहेंगे। इस समय स्वास्थ्य विभाग कुष्ठ पखवाड़ा मना रहा है। इसके तहत यह आयोजन होगा। पूरे प्रदेश में 26 क्षेत्र ऐसे हैं जहां पर कुष्ठ रोग से पीड़ित लोगों की संख्या अधिक है। इसमें से शाजापुर और आगर जिले के शुजालपुर तथा सुसनेर ऐसे क्षेत्र हैं जहां पर इस रोग से पीड़ित रोगियों की संख्या अधिक है। शासन द्वारा कुष्ठ रोग के उन्मूलन के लिए वर्ष 1925 से अभियान चलाए जा रहे हैं। शासन की मंशा है कि कुष्ठ रोग से पीड़ित लोगों की शुरुआत में ही पहचान की जाकर इसका इलाज किया जा जाए।
नाॅन मेडिकल असिस्टेंट सीताराम स्वर्णकार ने बताया कि शासन वर्ष 2017 में कुष्ठरोग को समाप्त करने के प्रयास में लगा हुआ है। शासन इन रोगियों का इलाज अलग से न करके सभी के साथ किए जाने को लेकर तैयारी कर रहा है। वर्ष 1995 से बहुऔषधी उपचार चलाया जा रहा है। वर्ष 2004 से पहले घर-घर दवाई देने का प्रावधान था।
पिछले पांच वर्षों में विकासखंड के दो ग्रामों में कोई भी कुष्ठरोगी नहीं मिला है। इन ग्रामों में आस्था कुष्ठ विजय उत्सव मनाया जाएगा। इसके तहत इन ग्रामों में शिविर का आयोजन किया जा रहा है। सीताराम स्वर्णकार, नाॅन मेडिकल असिस्टेंट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सुसनेर