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वासंती बेला में मां सरस्वती की आराधना

5 वर्ष पहले
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शिक्षण संस्थाओं में हवन-पूजन, मंदिरों में भी पूरे दिन हुए आयोजन

भास्कर संवाददाता | शाजापुर

फरवरी की वासंती बेला में शनिवार को भी शहर में अपनी-अपनी तरह से वीणावादिनी की आराधना की गई। ज्ञान की देवी मां सरस्वती को प्रसन्न करने और सदैव उनका आशीष पाने के लिए कई शिक्षण संस्थाओं में हवन-पूजन किए गए। तो शहर के कुछ मंदिरों में भी वसंत पंचमी महोत्सव मनाकर सुबह से रात होने तक आयोजनों का सिलसिला चलता रहा। आस्था की रोशनी में मानो यही भावार्थ उजले हुए- हे वीणावादिनी शारदे। मेरी साधना को निखार दे। मेरे भाव में जो विकार हैं, तू उनमें विमल विचार दे।

महर्षि विद्या मंदिर:

हवन-पूजन के साथ की मंगल कामनाएं- बेरछा रोड स्थित शिक्षण संस्था महर्षि विद्या मंदिर में विशेष आयोजन किया गया। संस्था प्राचार्य गिरिराज पाटीदार के नेतृत्व में यहां मां सरस्वती का पूजन करने के साथ ही मंत्रोच्चार से हवन किया गया। हवन महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ के पं. संतोष मिश्रा (लखनऊ) ने करवाया। विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामनाएं की गईं।

श्री चैतन्य चिंतामण गणेश मंदिर-आदित्य नगर स्थित श्री चैतन्य चिंतामण गणेश मंदिर में वसंत पंचमी महोत्सव मनाते हुए पूरे दिन आयोजन कॉलोनीवासियों ने किए। सुबह 9 बजे महाभिषेक पूजन, 10.30 बजे ध्वज स्थापना, 11.30 बजे हवन किया गया। हवन में पूर्णाहुति के बाद दोपहर 1 बजे भगवान गणेशजी की प्रतिमा के समक्ष 56 भोग लगाया गया। 2 बजे से भंडारे का आयोजन हुआ। शाम 6 बजे मंदिर पर दीपसज्जा अौर 7.30 बजे महाआरती की गई।

यहां भी वसंत पंचमी को लेकर हुए आयोजन- ज्योतिनगर हासे स्कूल, मावि ज्योतिनगर, लीड बीएसएन कॉलेज सहित कुछ अन्य शिक्षण संस्थाओं में शनिवार सुबह बच्चों और स्टाफ सदस्यों ने मां सरस्वती का पूजन किया। इधर, मां गायत्री शक्तिपीठ पर वसंत पंचमी उपलक्ष्य में इस दिन भी पुस्तक मेले का संचालन जारी रहा।

वसंत ऋतु: एक नजर में- वसंत ऋतु भारत की 6 ऋतुओं में से एक है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार फरवरी, मार्च और अप्रैल में वसंत ऋतु रहती है। इस ऋतु को ऋतुओं का राजा, अर्थात सर्वश्रेष्ठ ऋतु माना जाता है। प्रकृति का यौवन इस ऋतु के साथ निखरना शुरू होगा। वसंत सौंदर्य लौटाने का प्रतीक है। यह नवागत, नवपल्लव, नवकुसुम के साथ नवगंध का का उपहार देकर विलक्षण बना देता है। वसंत ऋतु की पंचमी मां सरस्वती की पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ तिथि मानी जाती है।

आगर-मालवा | ऋतुराज वसंत के आगमन पर ब्राह्मण समाज सेवा न्यास आगर-मालवा इकाई ने शनिवार को सरस्वती पूजन करके वसंत उत्सव मनाया। न्यास के सचिव महेश शर्मा ने बताया कि छावनी स्थित नृसिंह मंदिर में मां सरस्वती के चित्र को आम्र पल्लव, सरसों के फूल, गेहूं की बाली और केशरिया फूलों से आकर्षक रूप से सजाकर दोपहर को पूजन करके आरती उतारी गई। इस अवसर पर प्रेम गुरु, राधारमण पंड्या, डॉ.एन.के. शर्मा, रमेशचंद्र शर्मा, रामकिशन शर्मा, गिरिराज पंड्या, राधेश्याम उपाध्याय, लेखांत तिवारी, लक्ष्मीनारायण तिवारी, ब्रजेश तिवारी, सुजीत दुबे सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे। इस मौके पर समाजजनों ने ट्रस्ट द्वारा आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों की प्रशंसा करके होली तथा दीपावली पर भी समाज के कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।

शुजालपुर | सरस्वती शिशु मंदिर में शनिवार को मां सरस्वती का पूजन कर वसंत पंचमी का पर्व मनाया गया। आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता बलराज पाठक ने की। मुख्य अतिथि सुनील जैन थे। अतिथि स्वागत सुनीता सोनी ने किया। शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। मुख्य वक्ता कल्पना दंडवते ने सरस्वती जन्मोत्सव पर प्रकाश डाला। इसी प्रकार एक अन्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रामगोविंद नेमा तथा प्रकाश धनगर अध्यक्ष के रूप में उपस्थित थे। उपस्थित छात्राओं द्वारा मां सरस्वती का पूजन किया गया। संचालन सीमा शर्मा ने किया और आभार ईश्वर परमार ने माना।

सुसनेर | समीपस्थ ग्राम गणेशपुरा के शिल्प निधि काॅन्वेंट स्कूल में गत दिवस वसंत पंचमी उत्सव मनाकर मां सरस्वती का पूजन किया गया। संस्था संचालक भवानीशंकर शर्मा ने पर्व के महत्व पर प्रकाश डाला।

कानड़ | वसंत पंचमी पर गत दिवस स्थानीय पीपल चौक स्थित मनोज त्रिवेदी के नर्मदा झाबुआ ग्रामीण बैंक कियोस्क कार्यालय पर नगर के वरिष्ठों ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर ठाकुर केशवसिंह दरबार, दुर्गाशंकर उपाध्याय, पत्रकार संतोष बैरागी, सुधीर बैरागी, योगेश शर्मा, मनोज त्रिवेदी, डाॅ. पुष्पेंद्र स्वर्णकार, डी.के. आर्य, जितेंद्र अग्रवाल, सुनील गोस्वामी, रमेश परिहार, अनिल गौड़ आदि मौजूद रहे।

बड़ौद | सरस्वती विद्या मंदिर में गत दिवस वसंत पंचमी समर्पण दिवस के रूप में मनाई गई। कार्यक्रम के अतिथि रामनारायण देवड़ा रहे। अध्यक्षता आचार्य मुकेशराव धुले ने की। अतिथि परिचय आचार्य प्रकाश शर्मा ने दिया। स्वागत आचार्य सुरेंद्रसिंह राजपूत ने किया। विद्यालय में वसंत पंचमी अवसर पर सभी छात्र-छात्राओं ने अभावग्रस्त बंधु/बांधवों के उज्ज्वल भविष्य को निखारने के लिए समर्पण राशि एकत्रित की। कक्षा प्रथमा की छात्रा समृद्धि जैन की ओर से 1501 रु. राशि का समर्पण किया गया। दसवीं के छात्रों ने 7777 रु. राशि का समर्पण किया। कार्यक्रम के अतिथि देवड़ा ने कहा यह दुर्भाग्य है, किंतु सत्य भी है कि हमारे आस-पास वनवासी बंधु अभी तक उपेक्षित हैं। सुविधाओं से वंचित हैं। शिक्षा एवं स्वास्थ्य की सुविधा उन तक नहीं पहुंची है। इसका बीड़ा सरस्वती विद्या मंदिर के माध्यम से विद्या प्रतिष्ठान ने उठाया है। संचालन आचार्य पुरुषोत्तम व्यास ने किया।

मक्सी |नगर के पत्रकारों ने वसंत पंचमी के अवसर पर वीणा वादिनी मां शारदा की आराधना की। विधिवत पूजन के पश्चात आगामी सिंहस्थ में यात्रियों की सहायतार्थ सेवा कार्य करने का संकल्प किया गया।

सरस्वती पूजन कर निकाली शोभायात्रा

आगर-मालवा |
वसंत पंचमी पर शनिवार को सरस्वती माता का पूजन करके सरस्वती ज्ञान मंदिर प्रबंधन द्वारा शहर में एक शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा हनुमानगढ़ी से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई पुन: हनुमानगढ़ी पहुंची। यात्रा में घोषवादन करते हुए आकर्षक झांकियों के माध्यम से माता सरस्वती, झांसी की रानी, महारानी लक्ष्मीबाई व महाराणा प्रताप की झांकियां शामिल रही। विधायक गोपाल परमार, गिरीराज जादम, हरिओम माली, ओमप्रकाश पटेल, पप्पू कसेरा, कन्हैयालाल उस्ताद, जीवनलाल जादम एवं सहविभाग प्रमुख धर्मेंद्रसिंह यादव ने फीता काटकर शोभायात्रा की शुरुआत की। संचालन अजयसिंह कुशवाह ने किया। इस अवसर पर संस्था स्टाफ सदस्य, विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। आभार संस्था प्रधानाचार्य आनंद ने माना।

मक्सी | सरस्वती का पूजन करते पत्रकार।

कानड़ | मां सरस्वती का पूजन करते हुए।

शाजापुर| महर्षि विद्या मंदिर में वसंत पंचमी पर हवन करते संस्था परिवार सदस्यगण।

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