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छात्रवृत्ति के लिए कलेक्टोरेट पहुंचे इंजीनियरिंग विद्यार्थी
तहसीलदार महेश बड़ोले को दस्तावेज दिखाती छात्रा प्रज्ञा पाटीदार अन्य विद्यार्थी।
^ पिछड़ा वर्ग के करीब 285 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का भुगतान होना है। 6 सितंबर को 5 सदस्यीय निरीक्षण दल ने कॉलेज में विद्यार्थियों के दस्तावेजों की जांच की थी। 65 विद्यार्थियों के आवेदन शपथपत्र में गड़बड़ी मिलने पर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई के लिए थाना ठीकरी को लिखा है। 220 विद्यार्थियों की वेरीफिकेशन रिपोर्ट आने के बाद छात्रवृत्ति का भुगतान होगा।^ -एस.एल.सोलंकी, पिछड़ावर्ग अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सहायक संचालक बड़वानी
65 के खिलाफ होगी कार्रवाई
भास्कर संवाददाता|बड़वानी
15दिन बाद भी छात्रवृत्ति नहीं मिलने पर बालाजी इंजीनियरिंग कॉलेज केरवं के विद्यार्थी मंगलवार कलेक्टोरेट पहुंचे। उन्होंने तहसीलदार के समक्ष नारेबाजी कर आक्रोश जताया। एसडीएम को आवेदन सौंपा। छात्र मोहित पाटीदार, नीरज पाटीदार, छात्रा प्रज्ञा पाटीदार, भूमिका पाटीदार, आकांक्षा पाटीदार ने एसडीएम दीपक आर्य को बताया छात्रवृत्ति नहीं मिलने से फीस नहीं जमा करने की परेशानी बताई। इस दौरान पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सहायक संचालक एस.एल. सोलंकी मौजूद नहीं थे। इसके चलते श्री आर्य ने विद्यार्थियों को दोबारा चर्चा के लिए बुलाने की बात कही। इंतजार करने को कहा। और इंतजार की बात सुनकर बीई इलेक्ट्रानिक एंड कम्यूनिकेशन अंतिम वर्ष की छात्रा प्रज्ञा पाटीदार रो पड़ी। प्रज्ञा ने बताया दो साल हो गए। अब तक छात्रवृत्ति नहीं मिली। किसी तरह कर्ज लेकर अब तक कॉलेज की फीस जमा की है। अब भी छात्रवृत्ति नहीं मिली, तो परीक्षा नहीं दे पाऊंगी। एसडीएम दीपक आर्य ने छात्रा की बात सुनकर उसे शांत रहने को कहा। साथ ही श्री सोलंकी के आने पर बात करने की बात कही।
प्रज्ञाके आंसू देख भड़के विद्यार्थी
छात्राप्रज्ञा के आंसू देख अन्य विद्यार्थी भड़क गए। दोपहर करीब 1.35 बजे से उन्होंने कलेक्टोरेट परिसर में नारेबाजी की। विद्यार्थियों का शोर सुनकर केबिन से तहसीलदार महेश बड़ोले बाहर आए। उन्होंने विद्यार्थियों से चर्चा कर शांति बनाए रखने की अपील की। दोपहर करीब 1.50 बजे सहायक संचालक श्री सोलंकी कलेक्टोरेट पहुंचे। इसके बाद एसडीएम श्री आर्य ने चार विद्यार्थियों को चर्चा के लिए बुलाया। यहां विद्यार्थियों की बात सुनकर श्री आर्य ने श्री सोलंकी से मामले की जानकारी ली।