नारायण के नाभि कमल से ब्रह्मा का हुआ प्राकट्य
मुरैना | भगवान नारायण के मन में सृष्टि के निर्माण का विचार आया तो उनके नाभि कमल से ब्रम्हा जी का प्राकट्य हुआ। जिनसे भगवान नारायण ने सृष्टि की रचना करने को कहा तो भगवान ब्रम्हा की भृकुटी से रूद्र प्रकट हुए। यह बात पं. रामस्वरूप शास्त्री ने श्रीमद भागवत कथा का वाचन करते हुए कही।
कथा का आयोजन नैनागढ़ रोड़ स्थित गली नं. 1 में पं. श्यामसुंदर शास्त्री व जयदेवी द्वारा कराया जा रहा है। उन्होंने विस्तार पूर्वक बताया कि रूद्र के प्रकट होने के बाद उन्होंने भूत-पिशाच की उत्पत्ति शुरू कर दी तब ब्रम्हा जी ने उन्हें रोका और अन्य दस पुत्र प्रकट किए और सृष्टि का निर्माण शुरू हुआ।
कथा का वाचन करते शास्त्री जी।