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गेहूं के तने में निकल आईं 70 से 80 बालियां मिलेगी 70 क्विंटल से अधिक की पैदावार
किसान रामअवतार बोले- अगली बार 10 बीघा जमीन में समेकित पद्धति से फसल उगाएंगे
भास्कर संवाददाता | मुरैना
जिले के 800 हाईटेक किसानों ने इस बार गेहूं व सरसों की फसल से अच्छा मुनाफा हासिल करने की जिद कर ली है। यही कारण है कि जारह गांव में उगाई गई गेहूं की फसल में 70 से 80 बालियां निकल आईं हैं। इससे किसान रामअवतार शर्मा को 70 क्विंटल से अधिक पैदावार मिलने की उम्मीद है।
समाजसेवी के रूप में पहचान कायम करने वाले किसान रामअवतार शर्मा के पास मुरैना विकास खंड के जारह गांव में 12 बीघा जमीन है। उसमें से किसान ने दो बीघा जमीन में गेहूं की फसल को समेकित पद्धति से उगाया है। रविवार को कृषि विभाग के उप संचालक विजय चौरसिया जारह गांव पहुंचे तो उन्होंने पाया कि गेहूं की फसल के एक-एक तने में 70 से 80 तक बालियां निकल आईं हैं। बालियां भी आना शुरू हो गई हैं। बड़ी संख्या में किल्ले फूटने से उम्मीद है कि इस किसान को गेहूं कटने पर प्रति बीघा खेत में 45 से 50 मन तक गेहूं की पैदावार मिलने की उम्मीद है। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो समेकित पद्धति से उगाए गए गेहूं में किसान को एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में 70 क्विंटल से अधिक पैदावार मिलती है जबकि सामान्य पद्धति से उगाई गई फसल में 42 क्विंटल तक गेहूं पैदा हो पाता है।
बीज भी लगा बहुत कम : किसान रामअवतार शर्मा ने नवाचार प्रयोग का जिक्र करते हुए बताया कि दो बीघा खेत में बोवनी के लिए मात्र 10 किलो बीज से काम चल गया। गेहूं के बीज का गौमूत्र से उपचार कर उसे आठ गुणा आठ इंच की दूरी पर दो-दो दाने के मात्रा में रोपा गया। पौधों की दूरी होने के कारण गेहूं की फसल में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया सही हो रही है।
एक हेक्टेयर में आधा लाख का मुनाफा : समेकित पद्धति से उगाए जा रहे गेहूं की फसल का मुनाफा किसान को एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में 48 से 50 हजार रुपए तक होगा। गेहूं को समर्थन मूल्य 1600 रु प्रति क्विंटल के रेट से बेचा जाता है तो 30 क्विंटल के दाम 48 हजार रु मिलेंगे। और यदि बिक्री बाजार भाव पर की जाती है तो मुनाफा और भी बढ़कर मिल सकेगा।
नवाचार से शामिल 800 किसान: खेती को फायदे का धंधा बनाने के लिए कृषि विभाग की पहल पर जिले के 800 किसानों ने इस बार गेहूं, सरसों व चना की फसल में नवाचार किया है। 300 किसान गेहूं की फसल को 250 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में समेकित पद्धति से उगा रहे हैं। उन्होंने बोवनी में बीज की बचत की और सिंचाई की भी।
किसान रामअवतार शर्मा के खेत में खड़ी गेहूं की फसल को देखते अधिकारी ।