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सादा कपड़ों में थे पुलिसकर्मी, 5 मिनट हुई झड़प, गोली मारकर वैन छोड़ भागे बदमाश

5 वर्ष पहले
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घायल बृजेश को जिला अस्पताल लाया, जहां से ग्वालियर रैफर किया गया

साथी आरक्षक हमले में बाल-बाल बचा

भास्कर संवाददाता | अंबाह (मुरैना)

अंबाह के जग्गा चौराहे पर सोमवार दोपहर 1.30 बजे जो हुआ, वह किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं है। दरअसल, यहां ओमनी वैन में लगे डेक को सुधरवाने आए श्यामू तोमर पुत्र रामवीर तोमर निवासी कचनौधा पीएस दिमनी व उसके तीन साथियों के बारे में पुुलिस को पता लगा कि वह पिस्टल लिए हैं। सूचना पर आरक्षक बृजेश राजौरिया व हरेंद्र तोमर सादा कपड़ों में ही पहुंच गए।

बृजेश व हरेंद्र ने श्यामू को वैन में डेक लगाते समय दबोच लिया। लेकिन करीब 5 मिनट की झड़प के बाद श्यामू उनकी पकड़ से छूटकर भागा और इसी दौरान उसने पिस्टल निकालकर एक के बाद एक दो गोलियां दागीं। इससे पहले तक वैन में बैठे तमाशा दे रहे श्यामू के साथी गोलियों की आवाज सुनकर वैन छोड़कर भाग गए। उधर घायल बृजेश को जिला अस्पताल लाया गया। यहां चंबल आईजी उमेश जोगा व एसपी विनीत खन्ना समेत एएसपी यशपाल सिंह राजपूत ने डॉक्टर्स से बातचीत की। इसके बाद बृजेश को ग्वालियर रैफर कर दिया गया।

बिना नंबर की वैन में सवार थे बदमाश के अन्य साथी
घटनास्थल पर पुलिस ने ओमनी वैन खड़ी पाई। स्थानीय लोगों ने बताया कि वैन बिना नंबर की है, उस गाड़ी में सभी बदमाश बैठे हुए थे, तीन युवक गाड़ी में थे, जबकि अकेला श्यामू तोमर डैक लगवाने बाहर आया था। वैन पर भदावर लिखा है, उसका चेसिस नंबर भी गलत है। साथ ही वैन पर एसपी यानी सपा भी लिखा है। वैन से एक तोड़िया, एक जरकिन व 400 रुपए बरामद हुए हैं।

हमलावर छूटकर भागा, हम संभल पाते उससे पहले ही उसने दाग दी दो गोलियां
मुझे आरक्षक बृजेश ने बताया था कि एक लड़का पिस्टल लिए जग्गा चौराहे पर खड़ा है। मैं और बृजेश मौके पर पहुंचे। वहां वह लड़का ओमनी वैन में डेक लगा रहा था। उसे हम दोनों ने पकड़ा तो वह छूटकर भागा। दोबारा पकड़ा तो वह फिर छूटकर निकल भागा। हम संभल पाते, उससे पहले उसने कमर से पिस्टल निकालकर एक के बाद एक दो फायर कर दिए। एक फायर मुझ पर किया, लेकिन मैं बाल-बाल बचा। दूसरा फायर बृजेश पर किया। गोली बृजेश की छाती में जा लगी। मैंने बृजेश को उठाया, तब तक वह युवक भाग निकला। (जैसा कि गोली से बाल-बाल बचे सिपाही हरेंद्र तोमर ने दैनिक भास्कर को बताया)

बदमाश ने पहले दी धमकी, आरक्षक फिर भी उसे पकड़ने दौड़ा तो चला दी गोली
पकड़े जाने पर पिस्टल रखने वाले श्यामू तोमर ने आरक्षक बृजेश को चेतावनी भी दी कि मत पकड़ वरना गोली दूंगा, लेकिन बृजेश नहीं माना। बृजेश ने श्यामू को दबोचने के लिए फिर से छलांग लगाई। तब तक श्यामू ने कमर से पिस्टल खींचकर उसे गोली मार दी। गोली बृजेश की छाती में लगी, जिससे वह गिर गया। युवक ने एक फायर सिपाही हरेंद्र पर भी किया, लेकिन वह बाल-बाल बच गया। बकौल बृजेश, मैं हमलावर को नहीं पहचानता था।

पिता की अनुकंपा पर पुलिस सेवा की ज्वाइन
आरक्षक बृजेश राजौरिया के पिता अशोक राजौरिया पुलिस की सेवा में हवलदार थे। पिता की मौत के बाद बृजेश को अनुकंपा नियुक्ति दी गई थी। 11 अक्टूबर 2015 से बृजेश अंबाह थाने में ही पदस्थ हैं।

बदमाशों पर इनाम घोषित
अंबाह थाने के आरक्षक बृजेश राजौरिया व हरेंद्र तोमर अवैध हथियार लेकर घूम रहे शख्स को पकड़ने जग्गा चौराहे पर गए थे। वे युवक को पहचानते नहीं थे। युवक ने दोनों पर गोलियां चलाईं। हमने हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। विनीत खन्ना, एसपी मुरैना

हमलावर पर मारपीट व अवैध हथियार रखने के कई मामले
पुलिस के मुताबिक हमलावर श्यामू तोमर पर मारपीट एवं अवैध हथियार रखने के कई मामले दर्ज हैं। उसके बड़े भाई राजू तोमर पर करीब 10 साल पूर्व डॉ. नारायण हरि के अपहरण का केस भी दर्ज किया गया था।

पुलिस चौकी पर नहीं था स्टाफ
अंबाह में जग्गा चौराहे पर आरक्षक बृजेश राजौरिया को गोली मारी गई। यहां पुलिस चौकी भी है, लेकिन उस पर कभी स्टाफ नजर नहीं आता। सोमवार काे भी यह चौकी खाली थी। यदि यहां पुलिसकर्मी होेते तो शायद बदमाश पकड़ लिए जाते।

अंबाह के जग्गा चौराहे पर आरक्षक-बदमाश की झड़प के दौरान तमाशा देखते रहे लोग
घायल आरक्षक बृजेश राजौरिया को जिला अस्पताल में इलाज के लिए ले जाते पुलिासकर्मी।

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