तीन माह से खराब है दवा सप्लाई करने वाला वाहन
जिले के सरकारी अस्पतालों में दवा सप्लाई करने वाला वाहन तीन महीने से खराब है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग उसे दुरुस्त नहीं करा सका है। ऐसी स्थिति में जिला मुख्यालय के दवा स्टोर से दवा लेने के लिए संबंधित अस्पताल को ही अपने कर्मचारी भेजने पड़ रहे हैं।
दवा सप्लाई करने वाले वाहन की बैटरी खराब हो गई है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसे सुधरवा नहीं पा रहा। ऐसी स्थिति दवा सप्लाई करने का काम प्रभावित हो रहा है। सिविल अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर दवा खत्म होने पर डाॅक्टरों, मरीजों को लौटाते रहते हैं और ज्यादा हो-हल्ला होने पर खुद के कर्मचारी भेजकर दवाएं मंगाई जाती हैं।
हालांकि संबंधित अस्पताल के डाॅक्टर या स्टोर कीपर जिला मुख्यालय पर आते समय दवाएं अपने साथ ले जाते हैं। लेकिन दवाओं की मात्रा अधिक होने पर कई बार किराए से लोडिंग वाहन भी करना पड़़ता है, जिसमें तीन महीने में अब तक हजारों रुपए खर्च किए जा चुके हैं। जानकारी के अनुसार दवा सप्लाई करने वाले वाहन की खराब हुई बैटरी को दस-बारह हजार रुपए खर्च कर सुधरवाया जा सकता है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस ओर से लापरवाह बने हुए हैं। जिससे न केवल दवा सप्लाई का काम प्रभावित हो रहा है बल्कि महकमे को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड रहा है।
किराए से वाहन लगाए जाने पर कर रहे हैं विचार
दवा सप्लाई करने वाला वाहन खराब है, इसलिए संबंधित अस्पताल के द्वारा ही अपने स्तर से जिला मुख्यालय के स्टोर से दवाएं मंगाई जा रही हैं। हम किराए से वाहन लगाए जाने पर विचार कर रहे हैं। डा.जीएस राजपूत, सीएमएचओ