लड़ाई को तेज करना होगा: कुशवाह
सरकार की संविदा नीति से अधिकारी-कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित नहीं है। संविदा कर्मचारियों से काम बराबर लिया जा रहा है कि लेकिन उन्हें सेवा में नियमित करने के सवाल पर शासन चुप्पी साधे हुए है। इसलिए इस लड़ाई को तेज करते हुए निर्णायक दौर में लाना होगा। यह बात जिला पंचायत के परियोजना अधिकारी तिलक सिंह कुशवाह ने कही।
पीओ कुशवाह, मंगलवार को नेहरू पार्क में मनरेगा संविदा अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्राम रोजगार सहायक संगठन के धरना आंदोलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संविदा पर लंबे समय सेवाएं दे रहे अधिकारी-कर्मचारी रिटायरमेंट की स्टेज पर हैं लेकिन शासन उन्हें स्थायी करने के आदेश जारी नहीं कर रहा है। जिपं के परियोजना अधिकारी कमल सिंह यादव ने कहा कि मनरेगा अधिकारी-कर्मचारियों के एक सूत्रीय आंदोलन को शासन को मान लेना चाहिए। अन्यथा हड़ताल के चलते सरकारी कामकाज प्रभावित होगा।
सहानुभूति पेश करें सीएम
संगठन के जिला अध्यक्ष दिनेश मावई ने कहा कि प्रदेश के 313 विकासखंडों में जारी आंदोलन को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सहानुभूति पेश कर संविदा शिक्षकों की भांति, मनरेगा कर्मचारियों के नियमितीकरण के आदेश जारी करना चाहिए। धरना आंदोलन पर शिवराज अहिरवार, भंवर सिंह रावत, कमलेश सोलंकी, मनोज कुमार, राजेश गोयल, रविन्द्र तोमर, देवेन्द्र वर्मा, नीतेश घुरैया व राजीव भदौरिया आदि उपस्थित रहे।
अधिकारियों को समर्थन मिला
मनरेगा संविदा अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्राम रोजगार सहायक संगठन के धरना आंदोलन के समर्थन भारत निर्मल अभियान के ब्लाक समन्वयक भी हड़ताल में शामिल हो गए हैं। मंगलवार को जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, मध्याह्न भोजन कार्यक्रम व वाटरसेड के अधिकारी भी हड़ताल को समर्थन देने के लिए नेहरू पार्क पहुंचे।
नेहरू पार्क के गेट पर धरना देते मनरेगा अधिकारी व कर्मचारी।
आंदोलन