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पार्षद जी! सड़कें और नालियां बनवा दो कचरे की सड़ांध से बीमारी का खतरा

4 वर्ष पहले
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शहर का वार्ड नंबर 11, ऐसा वार्ड कि घुसते ही कीचड़ और गंदगी से सामना होता है। किसी भी ओर से प्रवेश करो, बिना तीन फीट गहरे गड्ढों में धंसे आप ठिकाने पर पहुंच ही नहीं सकते। शुक्रवार को दैनिक भास्कर टीम इस वार्ड में जनता के द्वार पार्षद को लेकर पहुंची। पार्षद मीरा बघेल बहुजन समाज पार्टी की नेता हैं, जो जनता के बीच अपने पति बसपा नेता पान सिंह बघेल के साथ आईं। जनता ने पार्षद से सवाल किया कि बारिश शुरू होते ही ये रास्ते भर गए हैं तो यहां से निकलें कैसे। कैद होकर रह गए हैं तो तेज बारिश में क्या हाल होगा। वार्ड के बनवारी गुर्जर, राजा सिंह, बाबू सिंह, शिवचरन सिंह, जितेंद्र, राकेश मावई आदि ने कहा कि यहां आप ही देख लो, हालात तो गांवों से भी बदतर हो रहे हैं। इस वार्ड में कहीं सड़कें नहीं हैं, न कहीं नालियां हैं। जो गलियां स्वीकृत हैं, उन पर तालाब बना हुआ है। जहां पांच फीट तक गहरे गड्ढे थे वहां कचरे की ट्रॉलियां ननि ने खाली करा दीं। इससे संक्रमण का खतरा रहता है।

वार्ड में जनता पार्षद से कालोनी में हो रहे जलभराव से निजात पाने की कहते हुए।

वार्ड का नाम: सुखदेव

 आपके शहर के पार्षदों के कार्यों का मूल्यांकन करने की पहल कर रहा है। हम आपके पार्षद को आपके द्वार ला रहे हैं, ताकि आप अपनी समस्याएं और सुझाव उन्हें बता सकें और उनका समाधान हो सके।

5050
मतदाता हैं वार्ड में

11,000 आबादी है वार्ड की

क्षेत्र: 12 फुटा हनुमान मंदिर रोड, मस्जिद वाली गली, शिवचरन चच्चू गली, बनवारी गुर्जर गली, धीर सिंह वाली गली आदि।


वार्ड 11
वार्डवासियों के सवाल... पार्षद ने दी सफाई

हमारे वार्ड के गांव से भी बदतर हालात हैं
इस वार्ड की स्थिति देखकर आप ही समझ सकते हैं कि हम लोग किस हाल में जी रहे हैं। यहां से तो गांव ही बेहतर हैं। इस तरह की गंदगी में तो नहीं रहते वहां, रास्ता तो निकल सकते हैं। यहां तो तनिक सी बारिश में ही घरों में कैद होकर रह जाते हैं। रवि गुर्जर, निवासी वार्ड नंबर 11 मुरैना

वार्ड का नाम बदलकर दुखदेव रख देना चाहिए
इस वार्ड में जनता को कोई सुख नहीं है। जबकि इसका नाम सुखदेव वार्ड रखा है। इसे तो दुखदेव वार्ड कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं है। क्योंकि यहां साफ-सफाई और जल निकासी के कोई इंतजाम नहीं हैं। यहां मेयर और कमिश्नर तो कभी नहीं आए बुरे हाल देखने। राजवीर सिंह, निवासी वार्ड नंबर 11 मुरैना

सीवर प्रोजेक्ट के कारण अटकी सड़क निर्माण की फाइल
जनता जिस हाल में रह रही है, ऐसा बुरा हाल तो नरक में भी नहीं होगा। यहां सड़कों व नालियों का एस्टीमेट हमने कमिश्नर डीएस परिहार को दिया तो उन्होंने मना कर दिया कि यहां सड़कें नहीं बनेंगी, पहले सीवर डाली जाएगी। मेयर अशोक अर्गल तो कोई सुनवाई करते ही नहीं हैं। इसलिए हमारे वार्ड का बुरा हाल है। -मीरा बघेल, पार्षद वार्ड नंबर 11 ननि, मुरैना

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