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53 सरपंचों ने नहीं बनाए हाट बाजार तीन करोड़ रुपए की राशि खुर्द-बुर्द
मुख्यमंत्री ग्राम हाट बाजार योजना के तहत 53 पंचायतों को पांच लाख रुपए के मान से एक साल पहले दिया था पैसा।
भास्करसंवाददाता|मुरैना
गांवके लोगों को उनकी जरूरत का सामान गांव में ही सुलभ हो जाए इसके लिए अंबाह, पोरसा, कैलारस, सबलगढ़ पहाडग़ढ़ ब्लाक के पंचायत मुख्यालयों पर हाट बाजार बनाए जाने के लिए जिला पंचायत ने सालभर पहले पांच-पांच लाख रुपए सरपंचों को दिए लेकिन हाट बाजार अब तक बनकर तैयार नहीं हो सके हैं। खास बात यह है कि जिला पंचायत ने इस मामले में दोषी सरपंच सहायक यंत्रियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।
जिला पंचायत ने एक साल पहले पहाडग़ढ़ जनपद के लिए 13, सबलगढ़ के लिए 11, अंबाह के लिए आठ, पोरसा तथा कैलारस के लिए तीन-तीन हाट बाजार मंजूर किए थे। प्रत्येक हाट बाजार के लिए पहली किस्त के लिए साढ़े सात-सात लाख रुपए का बजट ग्राम पंचायतों के खाते में ट्रांसफर किया गया। दूसरी किस्त भी साढ़े सात-सात लाख रुपए की दी जाना थी लेकिन बीते एक साल में जिले में कहीं भी एक हाट बाजार बनकर तैयार नहीं हो सका है। आलम यह है कि कहीं तो हाट बाजार बनाने के लिए ग्राम पंचायतों ने नींव की खुदाई करा दी है तो कहीं पंचायतों ने निर्माण कार्य का शिलान्यास तक नहीं किया है जबकि हाट बाजार 31 मार्च तक बनाकर पूर्ण करने थे।
सरपंचोंने किए तीन करोड़ खुर्द-बुर्द : हाटबाजार के लिए पंचायत खातों में जमा कराए गए साढ़े सात लाख रुपए की रकम को सरपंचों ने बैंक खाते से निकालकर दीगर कामों में इस्तेमाल कर लिया है। यह कृत्य भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आर्थिक अपराध की श्रेणी में आता है लेकिन जिला पंचायत ने इस मामले में बीते एक साल में दोषी सरपंचों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। सरपंचों की मंशा है कि पंचायत का कार्यकाल पूरा होने को है जितना सरकारी पैसा बचाया जा सके उसे बिना निर्माण कराए बचाया जाए।
येहो रही लोगों को परेशानी : हाटबाजार बनने से स्व-सहायता समूहों को अपना सामान बेचने के लिए गांवों में पक्की दुकान नहीं मिल पा रही हैं। इससे ग्रामीणों को उनकी रोजमर्रा की जरूरतों का सामान लोकल में नहीं मिल पा रहा है। लोगों को परचून की छोटी-छोटी चीजें खरीदने के लिए आसपास के कस्बों में जाना पड़ता है। महिलाओं को भी प्रसाधन संबंधी सामान की खरीदारी के लिए पांच से दस किलोमीटर की दूरी तय कर बाजार पहुंचना पड़ता है।
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