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उसैद रोड का निर्माण अधूरा छोड़ भागी कॉन्ट्रेक्टर कंपनी

6 वर्ष पहले
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मार्च 2015 तक पूरा करना था 22 किलोमीटर सड़क निर्माण

भास्करसंवाददाता|अंबाह

अंबाह-पोरसाचौराहे से लेकर चंबल नदी स्थित उसैद घाट तक 22 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण दो साल में भी नहीं हो पाया। वर्तमान में कॉनकोस्ट कंपनी के ठेकेदार सड़क का निर्माण अधूरा छोड़ जा चुके हैं। ऐसे में इस मार्ग से सटे एक सैकड़ा से अधिक गांव के लोग आवागमन प्रभावित होने से परेशान हैं। वहीं उप्र राजस्थान के शहरों में जाने के लिए शॉर्टकट का रास्ता अपनाने के फेर में अक्सर यात्री एवं वाहन चालक इस मार्ग पर फंस जाते हैं। हैरानी इस बात है कि इस गंभीर समस्या की ओर स्थानीय प्रशासन का भी कोई ध्यान नहीं है।

यहां बता दें कि दो साल पहले मप्र सड़क विकास निगम द्वारा कोलकाता की कॉनकोस्ट कंपनी से सड़क निर्माण करने का अनुबंध किया गया था। कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार अंबाह से उसैद घाट तक 22 किलोमीटर सड़क निर्माण करना था। लेकिन पेटी कॉन्ट्रैक्टरों से तालमेल बिगड़ने के चलते उक्त कंपनी द्वारा बीच-बीच में सड़क निर्माण कार्य बंद कर दिया गया। वर्तमान में उसैद घाट स्थित पुलिस चौकी के पास 500 मीटर डामरीकृत सड़क निर्माण करने के बाद कॉन्ट्रैक्टर कंपनी के ठेकेदार काम छोड़कर जा चुके हैं। जबकि पूरे मार्ग पर गिट्‌टी बिछी हुई है। जिससे वाहन क्षतिग्रस्त होने के साथ-साथ दुर्घटना की प्रबल आशंका बनी हुई है। मालूम हो कि अंबाह से उसैद घाट तक 22 करोड़ की लागत से सड़क निर्माण किया जाना है। कॉनकोस्ट कंपनी को अनुबंध के मुताबिक यह कार्य मार्च 2015 तक पूरा कराना था, लेकिन वर्तमान में काम ठप होने से सड़क निर्माण कार्य अधर में लटक गया है।

रोगियों प्रसूताओं लेने नहीं जाते वाहन

उसैदघाट मार्ग की हालत खराब होने के कारण रुधावली, हिंगावली, अंझेड़ा, उसैद, रझेड़, विजयगढ़ आदि ऐसे गांव हैं जहां प्रसूताओं को लेने जननी एक्सप्रेस नहीं जाती। गंभीर रोगियों को भी अंबाह अस्पताल लाने में ग्रामीणों को मुसीबत उठानी पड़ रही है। प्रभावित गांव में बसे लोग निजी वाहन लेने अंबाह जाते हैं, लेकिन वाहन चालक इन गांव में जाने तैयार नहीं होते।

इसलिए परेशान हैं लोग

{बाईस किलोमीटर रोड पर गिट्‌टी पड़ी होने से वाहन पंक्चर होने के साथ क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।

{ उसैद घाट मार्ग पर सड़क किनारे बसे एक सैकड़ा गांव के लोगों का आवागमन प्रभावित है।

{ चिकनी मिट्‌टी होने से हल्की सी बारिश होने पर इस मार्ग पर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।

{ उप्र राजस्थान की ओर शार्टकट रास्ते जाने के फेर में इस मार्ग पर अकर लोग अक्सर फंस जाते हैं।

{ वाहनों के लगातार आगमन से सड़क किनारे सैकड़ो बीघा में खड़ी फसल धूल जमने से नष्ट हो रही है।

कंपनी को दी है वार्निंग

^एकमाह में उसैद रोड का निर्माण पूरा करने की वार्निंग कॉनकाेस्ट कंपनी को दी गई है। उगर उन्होंने इस अवधि में काम शुरू नहीं किया तो कॉन्ट्रैक्ट निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।\\\'\\\' पीएसराजपूत, मैनेजर मप्र सड़क विकास निगम ग्वालियर

अधूरा पड़ा उसैद रोड निर्माण।