क्लीनिक सील करने पहुंची टीम स्टे दिखाया तो वापस लौटी
बोड़खी स्थित डॉ. प्रह्लाद हेल्थ क्लीनिक को सील करने पहुंची तहसीलदार, टीआई और बीएमओ की टीम को शनिवार को फिर बैरंग लौटना पड़ा। क्लीनिक संचालक ने टीम को स्टे का हवाला दिया। टीम उलटे पैर क्लीनिक से बाहर आ गई।
इसके पहले भी टीम को स्टे बताकर क्लीनिक संचालक लौटा चुके हैं। इस पूरे नाटकीय घटनाक्रम में करीब एक घंटे तक अधिकारियों की क्लीनिक के एक कमरे में बातचीत चली। फिर अचानक टीम क्लीनिक छोड़कर बाहर आ गई। क्लीनिक को सील करने जाना और बैरंग लौटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।
ये हैं कार्रवाई का कारण
बोड़खी निवासी बापूराव पिता दल्लू बागीयर ने 2014 में क्लीनिक के डॉ. द्वारा किए गए कथित गलत इलाज से उसके लड़के ओमप्रकाश की मौत हो जाने का आरोप लगाकर शिकायत की थी। पड़ताल के बाद सीएमएचओ प्रदीप मोजेस ने कलेक्टर ज्ञानेश्वर बी पाटिल के आदेश का हवाला देकर उक्त क्लीनिक को सील कर डॉ. ऋषि के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश बीएमओ को दिए थे। हालांकि ये आदेश करीब महीना भर पुराना था।
इस पूरे महीने भर में बीएमओ ने इस आदेश पर कोई कार्रवाई नहीं की। शनिवार 6 फरवरी को बीएमओ क्लीनिक सील करने गए तो डॉ. ऋषि सहगल ने बीएमओ को कुछ दस्तावेज उपलब्ध कराकर कहा था यह हाईकोर्ट का संबंधित आदेश के खिलाफ स्टे है। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद बीएमओ ने कहा उन्हें प्रक्रिया का पूरा ज्ञान नहीं है। लिहाजा 6 फरवरी को कार्रवाई टाल दी गई थी।
ऐसे हुई दो बार कार्रवाई
-6 जनवरी को सीएमएचओ ने बीएमओ को दिए थे क्लीनिक सील और एफआईआर के आदेश, 19 जनवरी के म.प्र. हाईकोर्ट के स्टे का दिया जा रहा था हवाला।
-6 फरवरी को पूरे एक महीने बाद क्लीनिक सील करने आई टीम वापस लौटी, 13 फरवरी को वापस वही स्टे दिखाकर टीम को वापस लौटा दिया।
खबर के साथ फोटो नंबर 2 व 3-आमला. बोड़खी का एक क्लीनिक सील करने गई अधिकारियों की टीम को दस्तावेज दिखाते डॉक्टर।
रोकी गई कार्रवाई
मुझे पिछले शनिवार से आज तक न तो वरिष्ठ अधिकारी से कोई नया आदेश नही प्राप्त हुआ है। और ना ही कोई स्टे प्राप्त हुआ है। पिछले शनिवार डॉ. सहगल द्वारा स्टे की ऑनलाइन कॉपी का हवाला दिया जा रहा था। आज जब कार्रवाई करने पहुंचे तो प्रमाणित प्रति दिखाई है, जिसमें डॉ. को अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया है। डॉ.रजनीश शर्मा, बीएमओ
हो रही है मानहानि
अधिकारियों के बार-बार मेरे क्लीनिक पर कार्रवाई से मेरी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंच रही है। मैंने पिछली बार और आज भी 19 जनवरी के स्टे का ही हवाला दिया है। । स्टे की प्रति सीएमएचओ कार्यालय में पूर्व में जमा कर दी गई थी, इसके बाद भी इस तरह की कार्रवाई सामने आ रही है। डॉ. ऋषि सहगल.आमला