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टैक्स पर कांग्रेसियों का प्रदर्शन

5 वर्ष पहले
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संपत्तिकर की बढ़ी हुई दरों को लेकर गुरुवार को कांग्रेसियों ने नपा कार्यालय में जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेसियों की पुलिस से झड़प भी हुई। करीब एक घंटे तक प्रदर्शन कर कांग्रेसियों ने मांगों से नपा सीएमओ एवं नपा अध्यक्ष को अवगत कराया। इस दौरान कांग्रेसियों ने परिषद की बैठक बुलाकर बढ़ाए टैक्स वापस कम करने की मांग की। इधर नपा अध्यक्ष ने प्रदर्शनकारियों को दो टूक बताया यह टैक्स नई परिषद ने नहीं बढ़ाया, बल्कि पिछली परिषद ने बढ़ा दिया था, जो प्रभाव में अब आया है।

नगर पालिका द्वारा बढ़ाए टैक्स को लेकर बुधवार की दोपहर से कांग्रेस कार्यकर्ता पूर्व नपा अध्यक्ष मनोज मालवे, उपाध्यक्ष शाबीर शाह, संजय सातनकर सहित अन्य की अगुवाई में नुक्कड़ सभा ली जा रही थी। गुरुवार को कांग्रेस जिला अध्यक्ष समीर खान, नपा नेता प्रतिपक्ष शैलेंद्र खातरकर, मनोज देशमुख, शरद जायसवाल, किशोर माथनकर, विजय पारधी, अजय सोलंकी सहित अन्य लोगों की अगुवाई में कांग्रेसियों ने प्रदर्शन किया। दोपहर करीब एक बजे बस स्टैंड से जुलूस की शक्ल में मेन मार्केट होते हुए नपा कार्यालय पहुंचे। यहां पहले से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था। प्रदर्शनकारियों को नपा के पहले गेट पर ही रोक दिया गया था। यहां कांग्रेस जिला अध्यक्ष और पूर्व नपा अध्यक्ष मालवे ने सीएमओ बीएल पवार को ज्ञापन सौंपा और उसे पढ़कर सुनाया। इस समय नपा अध्यक्ष लाजवंती नागले, उपाध्यक्ष प्रभा पटेल, पार्षद राकेश धामोड़े और वसंत ओड़ुकले भी मौजूद थे। पिछली परिषद ने इस दौरान अध्यक्ष सहित पार्षदों ने बताया उनकी परिषद ने केवल व्यवसायिक संपत्ति पर दो रुपए ही टैक्स बढ़ाया है। जबकि खुद श्री मालवे के कार्यकाल में 19 अक्टूबर 2012 को प्रस्ताव क्रं. 18 से आवासीय एवं व्यवसायिक संपत्ति की दरों का अवधारण वार्षिक भाड़ा मूल्य के छह प्रतिशत के स्थान पर दस प्रतिशत करने का प्रस्ताव पारित किया था।

प्रयास किए जा रहे हैं
वर्तमान परिषद ने केवल व्यवसायिक संपत्ति पर दो रुपए बढ़ाया है। पिछली परिषद ने प्रस्ताव लेकर टैक्स की दरें बढ़ाई थी, जिसके प्रभाव में आने में समय लगा। इसके कारण इस परिषद के कार्यकाल मे वसूली हो रही है। वर्तमान परिषद जनता के साथ है। मेरे द्वारा लगातार वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर कम करने के प्रयास किए जा रहे है। लाजवंती नागले नपाध्यक्ष, आमला

मेरे कार्यकाल में केवल प्रस्ताव पारित हुआ था
मेरे कार्यकाल में केवल प्रस्ताव पारित हुआ था। उसे जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए अमल में नहीं लाया गया था। इसके अलावा विकास के कई प्रस्ताव है जिस पर नई परिषद ने अभी तक अमल नहीं किया जिसमें सड़क, नाली और हाईमास्ट जैसे बड़े प्रस्ताव शामिल है। इस टैक्स बात न भी करें तो विकास शुल्क 150 रुपए प्रति वर्गमीटर नामांतरण के समय केवल आमला नपा वसूल रही है। जबकि यह वसूली केवल कॉलोनाइजरों से होनी चाहिए। मनोज मालवे, पूर्व नपा अध्यक्ष

क्या है मामला
वर्तमान वित्तीय-सत्र में नपा द्वारा बढ़ी हुई दरों से नागरिकों से संपत्ति कर वसूला जा रहा है। इसके कारण अब तक जिस व्यक्ति पर डेढ़ से 200 रुपए का टैक्स पिछले कई साल से आ रहा था। अब वह टैक्स बढ़कर सीधे 800 से 1 हजार रुपए तक पहुंच गया है। इसमें कई मामले ऐसे है जिनमें पहले नपा के रिकार्ड में संबंधित व्यक्ति का केवल भूखंड दर्ज था, लेकिन अब उसका मकान बन गया है। कुछ मामलों में पहले भवन का आवासीय प्रयोजन हो रहा था और अब व्यवसायिक उपयोग हो रहा है। लिहाजा अब नई दरों से नपा द्वारा टैक्स की वसूली की जा रही है। जानकारी के अनुसार अब नपा को शासन से सेटेलाइट सर्वे के अनुसार प्रत्येक संपत्ति स्वामी पर आरोपित टैक्स का प्रिंटेड रजिस्टर भी प्राप्त हो गया है। इसके अनुसार नपा ने वसूली शुरू कर दी है।

ताला लगाने का प्रयास
नपा अध्यक्ष लाजवंती नागले ने प्रस्ताव की प्रति भी प्रदर्शनकारियों को उपलब्ध करा दी। इसके बाद मामला गर्माया तो कांग्रेसी नपा कार्यालय में ताला जड़ने की कोशिश करने लगे। इस दौरान उनकी पुलिस से झूमा-झटकी भी हुई। इसके बाद कांग्रेसियों ने कार्यालय परिसर में बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। सीएमओ श्री पवार ने प्रदर्शनकारियों की मांग से परिषद की बैठक में अवगत कराने का भरोसा देने पर मामला शांत हुआ।

वापस लेना चाहिए दरें
प्रदर्शनकारियों का कहना था नपा ने औचक ही ये दरें बढ़ाकर लोगों पर बेतहाशा भार बढ़ा दिया है, जिसका सीधा असर लोगों के घरेलू बजट पर पड़ गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना था नपा को जल्द ही परिषद की बैठक बुलाकर बढ़ाई हुई टैक्स की दरें वापस लेना चाहिए। इसके अलावा नामांतरण के समय प्रति वर्गमीटर 150 रुपए की दर से वसूला जाने वाला विकास शुल्क भी नहीं लिया जाना चाहिए। क्योंकि इसके कारण लोगों को नामांतरण कराने में भी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।



घटनी चाहिए दरें
नई परिषद की जल्द बैठक बुलाकर बढ़ी हुई दरों को वापस लिया जाना चाहिए। विकास शुल्क पूरी तरह खत्म किया जाना चाहिए। क्योंकि विकास के नाम पर नगर में कुछ भी नहीं हो रहा है। शैलेंद्र खातरकर, नेता प्रतिपक्ष

आमला। बढ़े हुए टैक्स को लेकर प्रदर्शन करते कांग्रेसी कार्यकर्ता।

संपत्तिकर कम करने पूर्व पार्षद ने भी दिया पत्र
नगर पालिका के पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोपाल खतारे ने सीएओ बीएल पवार को पत्र लिखकर संपत्ति कर कम करने की मांग की है। श्री खतारे ने कहा नगर पालिका द्वारा जो संपत्तिकर आरोपित किया जा रहा है, वह आमला नगर की परिस्थितियों और जनता के अनुरूप नहीं है। नगर एक छोटी तहसील है। यहां कोई उद्योग या अन्य व्यवसायिक केंद्र नहीं है। यहां के अधिकतम परिवार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करते है। कुछ परिवार मध्यम वर्गीय है। जबकि इन परिवारों पर पहले के टैक्स की तुलना में 5 से 6 गुना टैक्स बढ़ा दिया है।



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