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कौशल विकास केंद्र बंद, नए ट्रेड शुरू तहसील मुख्यालय पर हेल्प डेस्क नहीं

4 वर्ष पहले
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नगर में कौशल विकास केंद्र पूरी तरह बंद हो चुका है। इसके स्थान पर दो नए ट्रेड शुरू किए गए हैं, लेकिन तहसील मुख्यालय पर वर्तमान में कोई केंद्र या इसकी हेल्प डेस्क नहीं होने के कारण बेरोजगार युवकों को इसकी जानकारी नहीं है। इसके कारण बड़ी तादाद में बेरोजगार युवक इस शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। युवकों का कहना है केंद्र की शुरुआत भले ही बाद में हो, लेकिन इसकी जानकारी के लिए तहसील मुख्यालय पर कम से कम हेल्प डेस्क तो होनी चाहिए।

बंद हुए कौशल विकास केंद्र

जनपद पंचायत के बीआरजीएफ भवन में करीब 5-6 साल से कौशल विकास केंद्र संचालित हो रहा था। यहां छात्र-छात्राओं को इलेक्ट्रिशयन सहित अन्य ट्रेड का प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया जाता था, लेकिन वर्तमान में प्रदेश सरकार ने कौशल विकास केंद्र को पूरे प्रदेश में ही बंद कर दिया है। इसकी जगह अब प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री कौशल संवर्द्धन योजना और मुख्यमंत्री कौशल्या योजना के नाम से नए ट्रेड की शुरुआत कर रही है। इसके रजिस्ट्रेशन की कार्रवाई पात्रतानुसार युवक कर रहे हैं। जून माह से पंजीयन की तारीख शुरू थी और पहले अंतिम तारीख 20 जुलाई बताई जा रही थी, लेकिन अभी भी पंजीयन की प्रक्रिया शुरू है।

कलेक्टर से योजना का लाभ दिलाने की मांग
कौशल विकास केंद्र बंद होते ही विभाग ने केंद्र को तहसील मुख्यालय से पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इस पहल के बाद ये सवाल खड़े हो रहे हैं तहसील मुख्यालय पर नवीन योजनाओं का प्रशिक्षण इस क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को मिलेगा भी या नहीं। युवती भारती देशमुख, विक्रम ठाकुर, रोमी बिलगाए आदि का कहना है तहसील मुख्यालय पर ऐसी कोई हेल्प डेस्क भी नहीं है जहां से युवक-युवतियां इस संबंध में जानकारी प्राप्त कर ले या फिर पंजीयन की कार्रवाई पूरी कर ले। युवक-युवतियों ने कलेक्टर शशांक मिश्र से इस ओर ध्यान देकर तहसील मुख्यालय पर नई योजनाओं का लाभ दिलाने की गुहार लगाई है।

मिलेगी ऋण सुविधा
बताया जा रहा है पंजीयन के आधार पर ही केंद्र की शुरुआत नए सिरे से होगी। इसमें 50 प्रतिशत बच्चों को प्राइवेट सेक्टर में कैंपस सिलेक्शन के आधार पर रोजगार प्राप्त हो सकेगा। जबकि 20 प्रतिशत बच्चों को योग्यता के आधार पर स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए उन्हें सरकार से ऋण और उचित मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी।

ये हो सकता है विकल्प
नागरिक मनोज विश्वकर्मा, रामकिशोर देशमुख सहित अन्य के अनुसार डाॅ. भीमराव अंबेडकर काॅलेज मेें हेल्प डेस्क शुरू करवाई जा सकती है। यह एक बेहतर विकल्प होगा। इससे युवक-युवतियों को पूरी जानकारी मिल जाएगी।

शुरू है पंजीयन
नई दोनों योजनाओं में पंजीयन की कार्रवाई अभी शुरू है। नए ट्रेड शुरू होने पर नवीन भवन की तलाश कर ट्रेड संचालित किए जाएंगे। बीएम सिंग, प्रभारी आमला

आमला. कौशल विकास केंद्र बंद होने से बढ़ी युवक-युवतियों की दिक्कत।

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