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आमला से शुरू हो कोयंबटूर और ऊटी की यात्रा ताकि हमारे बच्चे भी हों शामिल

4 वर्ष पहले
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रेलवे अपने अराजपत्रित अधिकारियों के बच्चों को मैसूर और ऊटी जैसे दर्शनीय स्थलों की यात्रा करवाएगा। इसके लिए रेल अधिकारियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इच्छुक छात्र-छात्राएं और पालक भी सैर सपाटे की तैयारी में जुटने के बाद आवेदन की प्रक्रिया में लगे हैं।

रेलवे द्वारा यह यात्रा 22 से 30 जुलाई तक करवाई जाएगी। इसके लिए रेलवे 22 जुलाई को नागपुर से स्पेशल ट्रेन क्रमांक-12722 शाम 5 बजकर 45 मिनट से रवाना होगी। यह ट्रेन जगह-जगह रुकेगी। यात्रा का समापन 30 जुलाई की दोपहर 2ः45 बजे नागपुर में होगा। आमला के 900 से अधिक रेलवे कर्मचारी हैं। इन कर्मचारियों ने आमला से ट्रेन शुरू करने की मांग की है।

यहां रहेंगे यात्रा के स्टापेज

नागपुर से हैदराबाद, बैंगलोर, मैसूर और कोयंबटूर से ऊटी के लिए यह ट्रेन रवाना होगी और यहां से वापस नागपुर आएगी। बच्चों को इस दौरान अपने साथ थाली, कटोरी, गिलास, चम्मच, मग, टाॅवल, गरम कपड़े और छोटा बैग साथ रखना होगा। रेल अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा है पालक बच्चों के साथ कोई कीमती सामग्री न भेजें।

इन बातों का रखना होगा ध्यान
बच्चे की आयु 11 से कम और 15 से अधिक न हो। प्रत्येक कर्मचारी का केवल एक ही बच्चा यात्रा में शामिल हो पाएगा। यात्रा में शामिल होने वाले बच्चे का पूरी तरह स्वस्थ होना जरूरी है। इसके लिए उसे सक्षम अधिकारी का मेडिकल प्रस्तुत करना होगा। शिविर के दौरान बच्चे को अनुशासन का कड़ाई से पालन करना होगा।

होगी विभिन्न गतिविधियां
यात्रा के दौरान रेलवे विभिन्न खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित करेगा। इस दौरान बच्चों के रहने, भोजन सहित अन्य सारे इंतजाम रेलवे की ओर से रहेंगे। जबकि पालकों को इस यात्रा के लिए केवल 5 सौ रुपए का भुगतान रेलवे को करना होगा।

आमला से शुरू होगी तो अन्य स्टेशन के बच्चे भी होंगे शामिल
रेलकर्मी बनवारीलाल, श्रीराम सोनपुरे, मो. मुजाहिद, छबीलाप्रसाद सहित अन्य का कहना है आमला जंक्शन से यदि ट्रेन शुरू की जाए तो इसमें नागपुर डिविजन के कीरतगढ़ से पांढुर्णा और आमला से परासिया तक के रेल कर्मियों के बच्चे सीधे ट्रेन में सवार हो सकते हैं। जबकि अभी छिंदवाड़ा से आमला तक के रेल कर्मियों को बच्चों को आमला से नागपुर जाना होगा। यही हालत कीरतगढ़ से पांढुर्णा तक के रेलकर्मियों के बच्चों की भी रहेगी। उन्हें भी पहले नागपुर अलग-अलग ट्रेनों से पहुंचना होगा। यही स्थिति वापसी में भी रहेगी।

भेजा है प्रस्ताव
कर्मचारियों के बच्चों को पहले नागपुर पहुंचने में दिक्कत होगी। मांग की गई है जंक्शन से ट्रेन शुरू की जाए तो इस क्षेत्र के बच्चों को असुविधा नहीं होगी। आरके वर्मा, सचिव, सीआरएमएस

अच्छी पहल

रेलवे द्वारा यह अच्छी पहल की गई है। इससे बच्चों को विभिन्न दर्शनीय स्थलों का अनुशासित रूप से दर्शन करने का अवसर मिलेगा। राजेश कोसे, सचिव सीआरएमएस

आमला. आमला से भी यात्रा में शामिल होंगेे अराजपत्रित कर्मचारियों के बच्चे।

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