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धर्म रक्षा के लिए सबको उठाना चाहिए हाथ: बालप्रभु

5 वर्ष पहले
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सप्ताह भर से नगर में राधे-राधे की गूंज है। राधे-राधे का नाम जपने लोग अपने काम-काज और सुध-बुध गंवाकर रोज पुलिस ग्राउंड पहुंच रहे हैं। यहां भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं पर कभी श्रद्धालु आंख बंद कर झूमने लगते तो, कभी खुद को नाचने से नहीं रोक पाते। सोमवार को यहां रुक्मणी-श्रीकृष्ण विवाह पर विधायक चेतराम मानेकर, भाजपा महामंत्री अशोक नागले, चिरोंजी पटेल, नरेंद्र गढ़ेकर सहित अन्य लोग भी जमकर झूमे। यहां बाजे-गाजे के साथ श्रीकृष्ण की बारात घोड़े पर सवार होकर पहुंची थी। दोपहर 1 बजे से शुरू हुई भगवत कथा का पं. शैलेंद्रानंद बालप्रभु ने शाम 7 बजे तक वाचन किया। इस दौरान उन्होंने श्रीकृष्ण का मथुरा के लिए गमन, कंस वध, उद्धव और गोपी संवाद सहित अन्य कथाएं सुनाई। कथा सुनने पंडाल के बाहर तक लोगों का जमावड़ा लगा हुआ था।

आमला. कथा सुनाते शैलेंद्रानंद बालप्रभु महाराज।

दूसरे के काम भी आएं
पं. शैलेंद्रानंद बालप्रभु ने समाज के लोगों से एकजुट और मर्यादित जीवन जीने का आव्हान किया। उन्होंने कहा सभी को एक-दूसरे के काम आना चाहिए। विषम परिस्थितियों में एक-दूसरे की मदद करना चाहिए। धर्म की रक्षा के लिए सभी के हाथ एक साथ उठना चाहिए। सभी को मिलजुल कर राष्ट्र विकास और प्रत्येक व्यक्ति के विकास के लिए समर्पण भाव से काम करना चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को बताया जरूरत पड़ने पर वे इस कथा में शामिल हुई, गरीब कन्याओं के विवाह के लिए अपने ट्रस्ट की ओर से भरपूर मदद भी करेंगे। उन्होंने कहा गुरु का धर्म देने में होता है, लेना उसका कर्तव्य नहीं होता है। उन्होंने लोगों से आयोजन के दौरान किसी भी तरह का दान करने से मना किया।

भागवत कथा का शुभारंभ हुआ
शाहपुर. माचना नदी के तट पर मंगलवार को कलश यात्रा के साथ भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। नगर के मुख्य मार्गों से होकर निकली कलश यात्रा कथा स्थल पर पहुंची। कथा प्रसंग के पहले दिन पं. अखिलेश परसाई ने भागवत कथा का महत्व बताते हुए कहा यदि आपको मानव देह प्राप्त हुई है तो आपको जीवन में कुछ ऐसा करना ही पड़ेगा। जिससे जीवन की सार्थकता सिद्ध हो सके। मनुष्य का जन्म और मृत्यु सात दिनों में ही होती है। भागवत कथा में इन सात दिनों में आपका जीवन कैसा हो यह बताया गया है। इसके अलावा ईश्वर द्वारा मानव जीवन को सार्थकता प्रदान करने के जो सूत्र दिए गए है, यदि मानव उसे अपने अंतर में उतार ले तो वह अपना और अपने समाज का जीवन धन्य कर सकता है। उधर भौंरा के आजाद वार्ड में 16 फरवरी से भागवती प्रसाद तिवारी भागवत कथा का वाचन करेंगे।

आयोजन
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