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जंबाड़ा सड़क पर रोजाना वाहन फंस रहे, मेंटेनेंस नहीं होने से थम रहे पहिए

5 वर्ष पहले
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हिचकोले खाते चलते हैं वाहन
कई बार कर चुके मांग
नागरिक नंदकिशोर, राजेश, कमल सहित अन्य का कहना है कि कई बार इस संबंध में नपा के अधिकारियों को समस्या से अवगत करा चुके है। ज्ञापन भी सौंपे हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जबकि एक समस्या कॉलोनी की नालियों का दूषित पानी भी इसी सड़क पर पूरी तरह आना है। इसके कारण यहां गर्मी जैसे दिनों में भी इस सड़क पर पानी भरा रहता है। जिसके कारण स्कूली बच्चों सहित अन्य लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहां स्थाई इंतजाम की ओर ध्यान दिया जाना चाहिए।

आमला। आमला-जंबाड़ा सड़क पर वाहन को धकेलते लोग।

जानकारी के अनुसार आमला-जंबाड़ा सड़क में तहसील कार्यालय से एमईएस डेम तक की सड़क एमईएस की है। सड़क के मेंटेनेंस सहित अन्य काम संबंधित विभाग द्वारा ही देखे जाते हैं। इसके कारण नगर पालिका या पीडब्ल्यूडी विभाग इस सड़क की कोई सुध नहीं लेता है। इसके कारण सड़क काफी बदहाल स्थिति में है। इस मार्ग पर वाहन हिचकोले खाते हुए चलते है। उस पर सड़क की क्रासिंग वाली नाली में गहरा गड्ढा होने के कारण रोजाना यहां वाहन फंस रहे हैं। वाहन फंसने से कभी वाहनों की टूट-फूट तो कभी वाहन में रखे सामग्री को नुकसान आम बात हो गई है। शनिवार की सुबह यहां ऐसे ही हालातों में एक वाहन फंस गया, जिसे राहगीरों की मदद से किसी तरह निकाला।

जानकारी के अनुसार अक्सर यहां वाहन फंसने के बाद ट्रैफिक जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है। इसके कारण आम लोगों सहित इस सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों की भी फजीहत बढ़ जाती है। दरअसल इस सड़क से जंबाड़ा और बोरदेही तथा फोरलेन पर पहुंचने के लिए रमली सड़क का उपयोग करते हुए पहुंचने वाले लोगों की आवाजाही तो बनी ही रहती है। इसके अलावा आस-पास के परसोड़ा, लालावाड़ी सहित दर्जनों के गांव के लिए भी वाहनों की आवाजाही इसी सड़क से होती है। लिहाजा इस सड़क से रोजाना 20 से ज्यादा फेरे बसों के, 5 हजार से ज्यादा दोपहिया और 200 से ज्यादा चौपहिया वाहनों की आवाजाही होती है। जिसमें सभी को इस समस्या का सामना करना पड़ता है। सड़क प्रबंधन के अधिकारियों से चर्चा कर स्थानीय प्रशासन को सड़क की मरम्मत कराना चाहिए।

डेढ़ किमी है सड़क, रोजाना गुजरते हैं 5 हजार वाहन

भास्कर संवाददाता | आमला

सड़कों की बदहाल हालत आम नागरिकों सहित वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन रही है। कई बार मांग पर भी स्थानीय प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है, जबकि सड़क की दुर्दशा के कारण पिछले साल एक युवक की मौत हो गई थी। सड़क की इस दुर्दशा के कारण आवाजाही में तो परेशानी का सामना करना ही पड़ता है, साथ ही वाहनों की टूट-फूट के कारण आर्थिक नुकसान भी लोगों को सहना पड़ रहा है। नागरिकों का कहना है स्थानीय प्रशासन को सड़क की सुध लेना चाहिए।

पहले भी किया था मेंटेनेंस
यदि संभव हुआ तो ताल-मेल बैठाकर गड्ढे भरने का काम करवाया जाएगा। पहले भी यह कवायद की गई थी। लाजवंती नागले, अध्यक्ष, नपा, आमला

लिखेंगे चिट्ठी

नागरिकों की समस्या से सड़क प्रबंधन के अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। मंजूरी मिलने पर ही कोई कार्रवाई संभव है। इस संबंध में पत्राचार किया जाएगा। बीएल पवार, सीएमओ नपा, आमला

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