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स्वास्थ्य केंद्र में अभी भी सुविधाओं का टोटा

7 वर्ष पहले
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जावर. अस्पताल में कई समस्याएं हैं जिनके कारण हर रोज लोगों को परेशान होना पड़ता है।

निज संवाददाता | जावर

नगरके अस्पताल को सामुदायिक का दर्जा तो मिल गया है, लेकिन इसमें जो सुविधाएं मिलनी चाहिए वह आज भी नहीं मिल पा रही है। इस कारण मरीजों के अलावा केंद्र मे आने वाले लोगों को परेशानी उठाना पड़ रही है।

गौरतलब है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अभी भी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। अस्पताल में मात्र एक डॉक्टर पदस्थ है उनकी भी सप्ताह में 2 दिन आष्टा ड्यूटी लगा दी जाती है। इस कारण वह सप्ताह में तीन-चार दिन ही ठीक से सेवा दे पाते हैं। जिस दिन डॉक्टर नहीं आते है उस दिन मरीज काफी परेशान होते हैं और मजबूरी में उन्हें बिना अनुभव वाले डॉक्टरों से इलाज कराना पड़ता है या फिर आष्टा, सोनकच्छ अन्य जगहों पर जाना पड़ता है।

इसी प्रकार अस्पताल में स्टाफकी कमी के साथ पीएम की सुविधा भी नहीं है। चार दिन पहले एक युवक की गड्ढे में गिरने से मौत हो गई थी। उसका शव दो घंटे तक अस्पताल में रखा रहा। इसके बाद शव को पीएम के लिए आष्टा भेजा गया। इस कारण दूसरे दिन उसका पीएम हो पाया। लोगों का कहना है कि अस्पताल में पीएम की सुविधा होती तो उसे आष्टा 30 किमी दूर नहीं ले जाना पड़ता।

आठसाल पहले मिला था दर्जा : नगरके प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को अपग्रेड कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र्र का दर्जा शासन ने करीब 8 साल पहले दिया था। उसके बाद भी सुविधा के नाम पर आज तक कुछ नहीं बढ़ाया गया है। केंद्र में स्टॉफ भवन भी पहले के ही हैं। वहीं अस्पताल में 12 पलंग है। जबकि ज्यादा होने चाहिए। इसमें सिर्फ इतना परिवर्तन हुआ है जहां पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लिखा हुआ था वहां अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लिख दिया गया है। मंडल अध्यक्ष जय सिंह ठाकुर ने बताया कि पिछले दिनों कलेक्टर के नगर भ्रमण के दौरान भी अस्पताल में व्याप्त समस्याओं विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के संबंध में अवगत कराया था। साथ ही इस संबंध में आवेदन भी दिया था।

शासन द्वारा नए अस्पताल भवन के लिए 2 करोड़ 20 लाख रुपए दो साल पहले स्वीकृत किए थे। इसका बीतें वर्ष विधायक ने भूमि पूजन किया था। अस्पताल निर्माण की अवधि डेढ़ साल है, लेकिन काम चलते हुए कई महीने हो गए हैं। इसके बाद भी अभी तक आधा काम ही हो पाया है। पार्षद सुमन देवी का कहना है कि अस्पताल भवन निर्माण क