घटिया कीटनाशक फसलों पर बेअसर
सोयाबीनफसल के साथ खेतों में काफी मात्रा में खरपतवार उग रही है। इसे साफ करने के लिए किसानों ने महंगी कीटनाशक दवा का छिड़काव कर रहे हैं, लेकिन घटिया क्वालिटी की दवा होने से इसका असर खरपतवार पर नहीं हो रहा है। अब किसानों को मजदूर लगाकर इसको साफ कराना पड़ रहा है, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है।
गौरतलब है कि विकासखंड में कई जगहों पर दुकानदार कीटनाशक दवा बेच रहे हैं। इनमें से कई दुकानों पर घटिया क्वालिटी की दवा भी बेची जा रही है। यही कारण है कि खेतों में दवाओं के छिड़काव के बाद भी खरतपवार नष्ट नहीं हो पाई है। इससे किसानों को मजदूर लगाकर खरपतवार को साफ कराना पड़ रहा है। जबकि पूर्व में किसान घटिया दवा को लेकर कृषि विभाग के अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हो पाई है। इससे किसान ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
दर्जनोंकिसानों की नष्ट हुई थी फसल
इसवर्ष क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों में कई किसानों की घटिया क्वालिटी की कीटनाशक दवा छिड़कने से फसल जल गई थी। इसकी उन्होंने जिम्मेदारों को शिकायत भी की थी। इसके बाद जिम्मेदारों ने जांच करने की बात कही थी। उसके बावजूद आज तक कुछ नहीं हो पाया है। जबकि अभी भी धड़ल्ले से दुकानों पर दवाएं बेची जा रही हैं।
नुकसानपरेशानी भी
खरपतवारपर कीटनाशक का असर नहीं होने से इस समय किसानों की परेशानी बढ़ गई है। इसका कारण यह है कि किसान पहले ही हजारों रुपए खर्च कर खेतों में दवा का छिड़काव कर चुके हैं। कृषि विभाग के एसएडीओ आरके वर्मा का कहना है कि किसान दवाई लेने के बाद पक्का बिल लें, उसके बाद शिकायत करें तो जरूर कार्रवाई की जाएगी।
आष्टा. कीटनाशक का छिड़काव के बाद भी खरपतवार नष्ट नहीं हो रही है।