रात को नहीं मिलते डॉक्टर
{अप्रशिक्षित डॉक्टरों पर निर्भर हैं ग्रामीण क्षेत्र के मरीज
{ रात्रि कालीन समस्या को लेकर लोगों ने दिया ज्ञापन
कार्यालयसंवाददाता | आष्टा
तहसीलक्षेत्र के तहत आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पदस्थ डॉक्टरों के रात के समय मुख्यालय पर नहीं रहने के कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा इन डॉक्टरों को सप्ताह में एक दिन नाइट ड्यूटी सिविल अस्पताल में भी करना पड़ती है। इस कारण ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नगर पंचायत कोठरी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों के अभाव में मरीजों को परेशानी हो रही है। इस समस्या से परेशान होकर ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन दिया है। गौरतलब है कि विकासखंड में तीन पीएचसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनमें कोठरी, सिद्दीकगंज तथा मैना हैं। इसके अलावा आष्टा और जावर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसमें कोठरी में एक पुरूष महिला डॉक्टर हैं। सिद्दीकगंज में भी यहीं स्थिति है तथा मैना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर नहीं हैं। वहीं जावर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की हालत ज्यादा खराब है। तहसील का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बावजूद एक डॉक्टर ही पदस्थ हैं। इन सभी केंद्रों पर रात के समय डॉक्टर मौजूद नहीं रहते हैं। यहां पदस्थ्य डॉक्टर अपडाउन करते हैं। इस कारण रात के समय मरीज झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे रहते हैं। इस कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं की होती है। जिनकी सिविल अस्पताल आष्टा आने तक मौतें भी हो चुकी हैं। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने सामुदायिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुक्कमल व्यवस्था नहीं की है। इसे लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग तथा प्रशासन भी अनदेखी कर रहा है। इस कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह सभी केंद्र नगर पंचायत, टप्पा दर्जनों गांवों के बीच पड़ने वाले प्रमुख गांव क्षेत्र में हैं। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग अनदेखी करने में लगा हुआ है।
व्यवस्था की जाती है
^स्टाफ की कमी के कारण सप्ताह में एक दिन नाइट डयूटी लगाई जाती है। डॉ.प्रवीर गुप्ता, बीएमओ
आठ साल पहले मिला था दर्जा
नगरके प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र्र का