लापरवाही पड़ सकती है भारी
क्षेत्रके नगर गांवों में बिजली के तार मकानों की छतों से निकले हैं। इससे कई बार हादसे हो चुके हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। बिजली कंपनी की अनदेखी लोगों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है।
नगर के अधिकांश क्षेत्र में बिजली के तार घरों के अंदर से निकले हुए हैं। साथ ही घरों के ऊपर झूल रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी बिजली कंपनी की लापरवाही जारी है। नगर में मकानों के छत से निकले तारों से हादसे हो चुके हैं। इसी तरह गांव दुपाडिय़ा में अधिकांश मकानों की छतों के ऊपर से बिजली के तार निकले हैं। छत से तार की दूरी सिर्फ 3 से 4 फीट है। इससे छोटे बच्चों का भी इन तारों तक आसानी से हाथ पहुंच सकता है। इसके बाद भी जिम्मेदारों ने इनकी शिफ्टिंग करना तो दूर लाइन पर सेफ्टी कवर भी नहीं लगाए हैं। मकानों की छतों से इस तरह से बिजली के तार निकलने पर दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। कई बार छोटे-छोटे बच्चे खेलते हुए ऊपर मकान की छत पर चले जाते हैं। इस दौरान जरा सी चुक एक बड़े हादसे को अंजाम दे सकती है। उल्लेखनीय है कि गांवों मेें सालों पहले लगे बिजली के खंभे टेढ़े मेढ़े हो गए हैं। इससे इन पर लगे तार नीचे जमीन की ओर झूल रहे हैं। इससे हवा चलने पर फाल्ट होता रहता है। इनसे निजात पाने के लिए ग्रामीणों ने हाईटेंशन लाइन के तारों को जगह-जगह लकड़ी से बांध दिया है। वहीं कई जगहों पर तो ईंट, पत्थर को भी टांग दिया है। इससे तार कभी भी वजन के कारण टूट सकते हैं।