बिना आईडी कैसे हो पंजीयन
{अब अंतिम दौर में पहुंचा पंजीयन का काम
{ 19 केंद्रों पर 15 मार्च से शुरू होगी समर्थन मूल्य की खरीदी
कार्यालयसंवाददाता | आष्टा
समर्थनकेंद्र पर गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराने से पहले इस बार किसानों को समग्र आईडी के लिए ग्राम पंचायतों के चक्कर काटना पड़ रहे हैं, क्योंकि इस बार पंजीयन कराने में किसानों से समग्र आईडी मांगी जा रही है। इसमें जिन किसानों की आईडी बनी है वह तो पंजीयन करा रहे हैं, लेकिन जिनके पास आईडी नहीं है वह पंजीयन नहीं करा पा रहे हैं। इसके अलावा अभी तक शासन ने बोनस की घोषणा भी नहीं करने से निराशा देखने को मिल रही है।
हर साल प्रदेश सरकार किसानों के लिए समर्थन खरीदी पर बोनस की घोषणा करती आई है। जबकि इस बार अभी तक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गेहूं पर बोनस की घोषणा नहीं की है। इसका किसानों को बेसब्री से इंतजार बना हुआ है। अभी तक मौसम के साथ देने से गेहूं की उपज भी खेतों में लहलहा रही है। जिसे देखकर लग रहा है कि अगर मौसम ने साथ दिया तो बंपर पैदावार हो सकती है। गौरतलब है कि बीते वर्षों तक सोसायटियों के माध्यम से समर्थन मूल्य की गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन किया जाता था, लेकिन इस बार व्यवस्था में बदलाव किया गया है। पंजीयन कराने के लिए किसानों से समग्र सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम का आईडी नंबर, आधार कार्ड की फोटो कॉपी, मतदाता परिचय पत्र और ऋण पुस्तिका बैंक पास बुक की फोटो कॉपी ली जा रही है। यह काम इस बार सोसायटियों से नहीं कराते हुए क्षेत्र के पटवारियों से कराया जा रहा है। पटवारी किसानों की जानकारी समितियों को देंगे, इसके बाद ही किसानों का ऑनलाइन पंजीयन होगा। इसमें जिन किसानों की समग्र आईडी बनी है वह तो पंजीयन करा रहे हैं, लेकिन जिनके पास नहीं है उनके सामने परेशानी खड़ी हो गई है। ऐसे किसानों को ग्राम पंचायत से आईडी बनाना पड़ रहा है उसके बाद ही उनके पंजीयन हो पा रहे हैं।
पंजीयन का काम जारी
^पंजीयनका काम चल रहा है। जिन किसानों की समग्र आईडी नहीं बनी है वह ग्राम पंचायत से बनाकर पंजीयन करा सकते हैं। वहीं बोनस के लिए अभी तक हमारे पास कोई आदेश नहीं आए हैं। शहानाखान, खाद्य अधिकारी
19 केंद्रों पर होगी गेहूं की खरीदी
इसवर्ष भी शासन ने गेहूं खरीदी के लिए 19 केंद्र बनाए हैं। यहां पर आगामी 15 मार्च से खरीदी का काम शुरू होगा। समर्थन मूल्य पर खरीदी कार्य को लेकर अब एक महीने का ही समय शेष रह गया है, लेकिन शासन ने अभी तक खरीदी को लेकर कोई लक्ष्य तय निर्धारित नहीं किया है। इस बार भी समर्थन खरीदी केंद्र कोठरी, बेदाखेड़ी, गवाखेड़ा, आष्टा, बागेर, भंवरा, डाबरी, सेवदा, मैना, चुपाडिय़ा, चाचाखेड़ी, खामखेड़ा जत्रा, सिद्दीकगंज, जावर, कजलास, मुरावर, मेहतवाड़ा, फूडरा खरीदी केंद्रों पर की जाएगी।
किसान नहीं दिखा रहे दिलचस्पी
शासनद्वारा इस बार गेहूं पर समर्थन मूल्य के साथ बोनस की घोषणा अभी तक भी नहीं की गई है। इस कारण किसान सरकारी खरीदी प्रक्रिया में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। यहीं कारण है कि जो किसान अभी तक पंजीयन नहीं करा पाए हैं उनमें से भी कम ही किसान पंजीयन कराने के लिए पहुंच रहे हैं। इसके चलते पांच दिन शेष रहने के बावजूद सोसायटियों में इक्का-दुक्का किसान ही पंजीयन कराने के लिए पहुंच रहे हैं। किसानों का कहना है कि बीते वर्षो में उन्हें 150 रुपए बोनस दिया गया था। इससे समर्थन केंद्र पर गेहूं बेचने में फायदा मिला था, लेकिन इस बार अभी तक बोनस की घोषणा नहीं की गई है। इस कारण तय भाव के हिसाब से ही गेहूं खरीदा जाएगा। जबकि इस कीमत में उस समय मंडी में गेहूं बिकता है तो साथ ही रुपए भी नकद मिल जाते हैं।
पंजीयन केंद्र पर पंजीयन का काम करते हुए कर्मचारी।