पानी के इंतजाम और ही पक्की सड़क
समस्या
विकासखंड के कई गांव के लोगों को आजादी के 65 वर्ष बीतने के बाद भी सुविधाएं नसीब नहीं हो पाई है। इन गांवों में तो चलने के लिए पक्की सड़कें बनी हैं और ही अन्य विकास कार्य हुए हैं। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अब पंचायत चुनाव में ग्रामीण जो उम्मीदवार उनकी समस्या का समाधान करा सकें उसी को वोट देने की बात कह रहे हैं।
गांवों में विकास कार्य कराने के लिए ग्राम पंचायत को लाखों रुपए का बजट दिया जाता है। इस राशि से सरपंच सचिव विकास कार्य नहीं कराते, लेकिन उनके द्वारा शासकीय राशि में हेरफेर के मामले सामने आते हैं। इस कारण से जो मूलभुत कार्य होने चाहिए वह नहीं हो पाते हैं। इस कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी होती है। ब्लॉक के गई गांव ऐसे हैं जिनमें निवास करने वाले लोग आज भी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। इन गांव के लोगों का कहना है कि ग्राम पंचायत द्वारा उनके गांव में अब तक विकास के नाम पर कुछ नहीं किया है। चुनाव के समय जब जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया तो वोट देने के बाद समाधान कराने की बात कहीं। चुनाव हो गए तो उन्होंने इस तरफ आकर देखा भी नहीं है।
नहींबनी पक्की सड़कें : गांवझिकड़ी मेवाती, मनीरामपुरा, सलामपुर, मैना, आंवलीखेड़ा, पिपलिया आमखेड़ी आदि में अभी तक भी प्रधानमंत्री सड़क योजना योजना के तहत सड़क नहीं बन सकी हैं। जबकि प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत पांच सौ की आबादी वालों गांवों में सड़क बनना हैं।
बच्चोंको होती है परेशानी
वहींकम आबादी वाले गांवों में मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत सड़क बनना हैं, लेकिन इन गांवों की जनसंख्या ढाई हजार के करीब है। जबकि यह गांव मुख्य सड़कों से महज 3 किमी की दूरी पर ही स्थित है। गांव के सलीम पटेल, आशिक पटेल, आत्माराम मालवीय, बलवान ने बताया कि सड़क के अभाव में सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूली बच्चों को होती हैं। वहीं लोग आठ महीने तो मार्ग पर चलकर निकाल लेते हैं, लेकिन बारिश में उनकी परेशानी दोगुनी हो जाती है।
विकासकराने वाले को ही मिलेंगे वोट
ब्लॉकमें 22 फरवरी को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने हैं। इसके चलते इस समय चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार जोर-शोर से प्रचार-प्रसार करने में जुटे हुए हैं। जब वह जनता से संपर्क करने के लिए पहुंच रहे हैं तो मतदाता सबसे पहले गांव में जो समस्या बनी हुई है उसके बारे में अवगत करा रहे हैं। वहीं उम्मीदवार को यह बात भी बता रहे हैं कि पूर्व में हुए चुनाव में कई बड़े वादे किए गए थे वह आज तक भी पूरे नहीं हो सके हैं। इसलिए इस बार वोट उसी को देंगे तो समस्या का समाधान करा सकें।
गांव तक जाने वाली सड़क पर आज तक डामरीकरण नहीं हो सका।