अनदेखी से बढ़ा हादसे का खतरा
कृषि की जगह व्यवसायिक कार्य में हो रहा ट्रैक्टर-ट्राली का उपयोग
लापरवाही
कृषि कार्य के लिए खरीदे गए ट्रैक्टर-ट्रालियों का उपयोग इस समय व्यावसायिक कार्यों में धड़ल्ले से किया जा रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार इसे अनदेखा करते हुए नजर रहे हैं, जबकि शादी-विवाह के समय तो इनका उपयोग बारात ले जाने के लिए भी किया जाता है। इससे लोगों की जान जोखिम में बनी रहती है।
नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैक्टर-ट्राली वाले दोगुना मुनाफा कमाने के चक्कर में इनका उपयोग कृषि कार्य के साथ-साथ धड़ल्ले से व्यवसायिक कार्यों में भी कर रहे हैं। वहीं इनसे माल भी ढोया जा रहा है। इसमें सबसे बड़ी बात तो यह है कि इन ट्रैक्टरों का रजिस्ट्रेशन की कार्रवाई करने वाले जिम्मेदार यह देखने की जहमत नहीं उठा रहे हैं कि वास्तविकता में इनको किस काम में लिया जा रहा है।
व्यावसायिकमें ज्यादा उपयोग: ट्रैक्टर-ट्रालियोंका उपयोग किसान अन्य लोग फसल की बोवनी बखरने फसल कटाई कर उसको खलिहान में लाने के लिए ही करते हैं। पिछले कुछ समय से इन कामों के अलावा ट्रैक्टर-ट्रालियों का उपयोग शादी-विवाह में बारात ले जाने के साथ ही व्यावसायिक कार्यों में भी किया जा रहा है। नियमानुसार अधिकांश ट्रैक्टरों का रजिस्ट्रेशन कृषि कार्य के लिए कराया गया है। वहीं निर्देशानुसार इनका उपयोग सिर्फ कृषि कार्य में ही किया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।
ट्रालियोंमें लटकते हुए ले जाते हैं सरिए
नगरमें ट्रैक्टर-ट्रालियों में भरकर ले जाने वाले लोहे के सरिए भी दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। ट्रैक्टर-ट्रालियों में लोहे के सरिए भरने के बाद इसका आधा हिस्सा ट्राली से सड़क पर लटकता हुआ जाता है। इससे पीछे चलने वाले लोगों को काफी दिक्कतें होती है।
हरकहीं कर देते हैं वाहन खड़ा : चालकट्रैक्टर-ट्रालियों को रात के समय बिना इंडीकेटर जलाए ही हर कहीं सड़क या फिर किनारे पर खड़ा कर देते हैं। टीआई अनिल त्रिपाठी का कहना है कि इस तरह की यदि स्थिति दिखाई देती है तो संबंधित पर कार्रवाई की जाती है।
कार्रवाई की नहीं उठा रहे जहमत
लंबेसमय से ट्रैक्टर-ट्रालियों में क्षमता से अधिक माल भरा जा रहा है। वहीं ट्रॉली से करीब तीन फीट ऊंची तक मिट्टी भी भरकर लाने का काम किया जा रहा है। इसी तरह से खदान, कंपनियों से लेकर अन्य जगहों पर भी इनको उपयोग में लिया जा रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठा रहे हैं। जबकि ओवरलोडिंग के कारण कई बार ट्रैक्टर-ट्राली पलटकर दुर्घटना के शिकार भी हो चुके हैं।