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मौसम बदला, बारिश के साथ गिरे ओले

6 वर्ष पहले
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क्षेत्र में मौसम ने फिर से करवट बदली है। इसके चलते पिछले तीन दिनों से धूप-छांव की स्थिति बनने के साथ ठंडी हवाएं चल रही हैं। मंगलवार को विकासखंड के कई गांवों में बारिश के साथ ओले गिरने के भी समाचार मिले हैं।

क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से मौसम साफ रहने के साथ ही प्रतिदिन तेज धूप भी निकल रही थी। इसके बाद पिछले पांच दिनों से फिर से मौसम ने करवट बदली है। इसके चलते शनिवार को मैना क्षेत्र में बारिश की बूंदाबांदी हुई थीं। उसके बाद से ही धूप-छांव की स्थिति बन रही है। मंगलवार को अचानक आसमान पर काले बादल छाए और कई गांवों में करीब 10 मिनट तक बारिश हुई। इसमें कई जगहों पर कुछ देर चने के बराबर ओले गिरने के भी समाचार मिले हैं। जिसने किसानों को चिंता में डाल दिया है।

5 मिनट तक गिरे ओले

मंगलवार को दोपहर दो बजे बाद गांव खामखेड़ा, बैजनाथ, सेवदा, टिटोरिया आदि में करीब 10 मिनट तक बारिश हुई। इसमें खामखेड़ा बैजनाथ में तो बारिश के साथ 5 मिनट तक चने के बराबर ओले भी गिरे हैं। गांव के दिनेश वर्मा ने बताया कि अचानक मौसम बदला और बारिश होने लगी। जो 10 मिनट तक बरसती रही। इससे सड़क पानी से तर-बतर हो गई थी। हालांकि इसका असर नगर में देखने को नहीं मिला। यहां पर सुबह से शाम तक मौसम साफ रहा। दिन में कुछ देर जरूर धूप-छांव की स्थिति बनी।

फसलों को सकता है खराब मौसम से नुकसान

रबी की गेहूं, चने मसूर सहित अन्य फसल इस समय फूल पर हैं। वहीं कई किसानों के खेतों में तो गेहूं की फसल में बालियां गई हैं। इस दौरान तेज बारिश हुई तो फसल को काफी नुकसान हो सकता है। इससे किसान चिंतित नजर रहा है। किसानों को कहना है कि बीते वर्ष भी फरवरी के महीने में तीन दिनों तक मावठा गिरा था। इससे गेहूं की फसल आड़ी हो गई थीं। वहीं अन्य फसल को भी नुकसान हुआ था। इसके चलते फसल का जो उत्पादन होना चाहिए था वहां नहीं हो सका था। उल्लेखनीय है कि इस बार वैसे ही किसान परेशान हैं। क्योंकि खरीफ फसल में बीज का अंकुरण नहीं होने से कई किसानों ने तीन बार बोवनी की थी। उसके बावजूद कम ही पैदावार हुई थी। इसके चलते उन्हें इस फसल से काफी ज्यादा उम्मीदे हैं।

ओलों से फसलों को अब नुकसान हो सकता है।