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कागजों में ही चल रहा है स्कूलों में रेडियो संवाद कार्यक्रम

6 वर्ष पहले
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मीना की दुनिया अंग्रेजी शिक्षण कार्यक्रम पर ब्रेक

कार्यालयसंवाददाता | आष्टा

शासनद्वारा जनहित में कई दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं, लेकिन जिम्मेदारों की मनमर्जी लापरवाही के चलते उन पर अमल नहीं हो पाता है। बीते साल स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों के बच्चों का ज्ञान बढ़ाने रेड़ियो संवाद कार्यक्रम की शुरूआत की थी, लेकिन विकासखंड में यह कागजों में सिमटकर रह गया है।

प्रदेश के सरकारी प्राथमिक माध्यमिक शालाओं में छात्र-छात्राओं के लिए शुरू किया गया रेडियो संवाद कार्यक्रम ब्लॉक के स्कूलों में कागजी साबित हो रहा है। मीना की दुनिया और अंग्रेजी शिक्षण पर आधारित रेड़ियो कार्यक्रमों के निश्चित समय पर सभी शासकीय स्कूलों में नियमित रूप से प्रसारित किए जाने के निर्देश हैं, लेकिन अधिकांश स्कूलों में यह कार्यक्रम बंद है। कई स्कूलों में तो स्थिति यह है कि जो ट्रांजिस्टर उपलब्ध कराए गए थे, वह या तो दिखाई नहीं दे रहे हैं या फिर अनुपयोगी साबित हो रहे हैं। शिक्षकों की उदासीनता के कारण तो बच्चों को कार्यक्रमों के बारे में जानकारी है और ही उन्हें इनका कोई लाभ मिल पा रहा है। इस कार्यक्रम को शुरू करने की शासन की मंशा क्षेत्र के स्कूलों में असफल बनकर रह गई है।

बीतेवर्ष हुई थी शुरूआत

स्कूलशिक्षा विभाग ने रेड़ियो संवाद कार्यक्रम के प्रसारण का काम बीते वर्ष अगस्त 2014 से शुरू किया था। इसके तहत मीना की दुनिया अंगेजी से संबंधित कार्यक्रम प्रसारित होते हैं। प्रसारण का उद्देश्य विशेष रूप से टेलीविजन प्रसारण और बिजली की सुविधा से दूर स्थित ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को विभिन्न विषयों पर ज्ञानवर्धक जानकारी प्रदान करना था। इसके लिए ग्रामीण शालाओं को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा बैटरी चलित ट्रांजिस्टर उपलब्ध कराए गए हैं।

कार्यक्रमों का होता है प्रसारण

^प्रत्येकदिन समय अनुसार स्कूलों में रेडियो संवाद कार्यक्रमों का प्रसारण होता है। जिन स्कूलों में नहीं हो रहा है, वहां कार्यक्रम प्रसारित करने के निर्देश दिए जाएंगे। वहीं खोया पाया बॉक्स सभी स्कूलों में लग चुके हैं। महेंद्रसिंह मंडलोई, बीआरसी

नहीं मिल सका फायदा

रेड़ियोसंवाद कार्यक्रमों की शिकायतों के चलते राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा 20 जनवरी को सभी स्कूलों में सजीव फोन इन कार्यक्रम का आयोजन किया जाना था। इसमें स्कूलों के शिक्षकों बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित करना था। सजीव फोन इन के तहत दोपहर 1.45 से 2.15 बजे तक फोन के माध्यम से स्कूलों के शिक्षकों से संपर्क करने की योजना थी, लेकिन रेडियो संवाद कार्यक्रम के संचालन पर ज्यादा असर देखने को नहीं मिला।

यह है कार्यक्रमों का प्रसारण समय

कक्षाछह से आठ तक के बच्चों के लिए 15 मिनट के मीना की दुनिया नामक कार्यक्रम का प्रसारण प्रतिदिन सोमवार से शुक्रवार तक दोपहर 2.45 से 3 बजे तक होता है। वहीं कक्षा पहली दूसरी के छात्रों के लिए प्रथम स्तर की अंग्रेजी कार्यक्रम का प्रसारण दोपहर 12 से 12.30 बजे तक तथा कक्षा तीसरी चौथी के लिए द्वितीय स्तर की अंग्रेजी का प्रसारण दोपहर 12.30 से एक बजे तक होता है। वहीं कक्षा तीन से पांच तक के छात्रों के लिए झिलमिल नाम से रेडियो कार्यक्रम दोपहर 12.30 से एक बजे तक गुरुवार शुक्रवार को प्रसारित किया जाना था।

रेडिय़ों संवाद कार्यक्रम का बच्चों को नहीं मिल रहा लाभ।