हाईवे पर लगने वाले हाट बाजार को नहीं मिला सुविधाओं का प्लेटफार्म
साप्ताहिक हाट फिर सड़क पर पहुंचने से रुकी वाहनों की रफ्तार
11एकड़ जगह चिन्हित होने के बाद भी कागजों में उलझा प्रपोजल
भास्कर संवाददाता | आष्टा
फल व सब्जी मंडी सहित साप्ताहिक बाजार के स्थान को लेकर होने वाली परेशानी को देखते हुए पिछले वर्ष प्रशासन ने पुराने हाईवे स्थित दरगाह के सामने की 11 एकड़ जमीन का सीमांकन कराया था। इसके बाद भी इसकी स्वीकृति शासन स्तर से नहीं मिल सकी है। इससे अभी तक स्थान को लेकर मामला अटका हुआ है। वहीं प्रशासन और नपा की कार्रवाई धीमी पड़ने से पुराने हाईवे पर फिर से दुकानें एवं ठेले खड़े होने से यातायात व्यवस्था को प्रभावित हो रही है। बुधवार को भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिली।
पुराना भोपाल-इंदौर हाईवे स्थित जीन वाली दरगाह के पास लगने वाले साप्ताहिक बाजार में पूर्व में प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई के बाद भी व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार को बाजार सड़क पर लगने से वाहनों के आने से सुबह से ही यातायात व्यवस्था बिगड़ती रही। इससे दिनभर वाहन रेंगते रहे। कई बार जाम की स्थिति भी बनती रही। गौरतलब है कि दरगाह के पास लगने वाले हाट बाजार के दिन व्यापारियों के हाईवे के दोनों ओर दुकानें लगाकर सामान बेचने से आवागमन बाधित होता था। इसे देखते हुए पूर्व में एसडीएम अभिषेक गहलोत के निर्देश पर नपा अमले ने सख्ती दिखाकर सड़क किनारे सामान बेचने वालों की दुकानों को हटाया था और अंदर दुकान लगाने के निर्देश दिए थे। इससे कुछ दिन तक तो स्थिति ठीक रही, लेकिन लगातार कार्रवाई नहीं होने से पहले जैसे हालात बनने लगे हैं। हाट बाजार की व्यवस्था का जिम्मा नपा का है। नपा दुकानदारों से बाजार शुल्क वसूलती है। इसके बाद भी सहूलियत के हिसाब से स्थान मुहैया नहीं करा रही है।
व्यापारियों ने की फिर सीमा पार
पूर्व में एसडीएम अभिषेक गहलोत ने नपा को निर्देशित कर व्यापारियों के ठेले सड़क के बाहर खड़े करने की सीमा रेखा तय की थी। इस पर अमले ने चूना लाइन डालकर व्यवस्था की जमावट की थी। यह इंतजाम अभी तक सही चल रहा था, लेकिन बुधवार को एक बार फिर हाट हाईवे पर पहुंचने से दिनभर व्यवस्था बिगड़ती रही।
व्यवस्था सुधारने के लिए निर्देशित करेंगे
बुधवार को लगने वाले हाट की व्यवस्था को ठीक करने के लिए कर्मचारियों को निर्देशित किया जाएगा। केएल सुमन, सीएमओ, नपा
प्रोसेस चल रही है
मंडी को 11 एकड़ जमीन का प्रस्ताव भेजा गया है। इसकी प्रोसेस चल रही है। नरेंद्र मेश्राम, सचिव, कृउमं
जाम लगने से हुई परेशानी
बुधवार को भी हाईवे के किनारे दरगाह से लेकर भोपाल नाके तक व्यापारियों ने दुकानें लगा ली थीं और हाथ ठेले वाले भी यहीं पर ठेले खड़ा कर सामान आदि बेच रहे थे। इससे अव्यवस्था फैल गई थी। वहीं सुबह से शाम तक यातायात बाधित होता रहा और दिन में कई बार जाम भी लगता रहा। इससे आवागमन करने वाले लोगों को काफी दिक्कतें हुईं।
सड़क पर खड़े होने वाले वाहनों ने बिगाड़ी यातायात व्यवस्था
मवेशी बाजार में मवेशी भरकर लाने वाले लोग सड़क पर ही अपने वाहन खड़े कर देते हैं। इससे वाहनों को निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। बुधवार को अधिक वाहन आने से पूरा रोड जाम हो गया था। इस कारण दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह स्थिति भोपाल नाके तक एक किमी के दायरे में बनी रही। यहां पर बाद में ट्रैफिक जवानों ने आकर व्यवस्था संभाली। वहीं नगर पालिका का अमला नदारद मिला, जबकि बाजार की व्यवस्था जमाना नपा अमले का काम है। इसके बाद भी लापरवाही बरती जाती है।
बुधवार को पुराने हाईवे की सडक़ पर दुकानें लगाने से परेशानी हुई ।
सीजन के समय सब्जी मंडी में भी होगी परेशानी
लहसुन और प्याज का सीजन शुरू होने को है। यहां पर उपज का नीलामी कार्य सड़क पर होने से आवागमन बंद हो जाता है। इसके साथ ही जगह का अभाव होने से व्यापारी एवं किसानों की उपज भी आपस में मिल जाती है। इससे वाद-विवाद की स्थिति निर्मित होती है। इसके अलावा बारिश में उपज की नीलामी करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस बार भी सीजन शुरू होने पर शहर के लोगों को निकलने में दिक्कत उठानी पड़ेगी।
11 एकड़ की लागत 65 करोड़
फल व सब्जी मंडी और हाट बाजार को एक ही स्थान पर लाने के लिए स्थानीय प्रशासन एवं मंडी समिति ने योजना बनाई थी। जमीन के आंवटन को लेकर प्रपोजल कलेक्टोरेट भेजा गया था। यहां पर कलेक्टर गाइड लाइन के अनुसार 11 एकड़ जमीन की लागत का आकलन 65 करोड़ रुपए किया गया था। मंडी सचिव नरेंद्र मेश्राम के मुताबिक सब्जी मंडी की इतनी आमदनी नहीं है कि वह कलेक्टर गाइड लाइन से जमीन विक्रय कर सके। हालांकि उसकी प्रक्रिया चल रही है।
दरगाह के सामने की जमीन की थी चिन्हित
प्रशासन ने डेढ़ साल पूर्व उक्त समस्या को देखते हुए हाईवे स्थित दरगाह के सामने की शासकीय 11 एकड़ जमीन चिन्हित की थी। यहां पर साप्ताहिक हाट बाजार और सुविधायुक्त फल एवं सब्जी मंडी का निर्माण किया जाना था, जिससे दोनों स्थानों की समस्या खत्म हो सके। इसके लिए कृषि उपज मंडी ने प्रपोजल बनाकर भी मंडी बोर्ड व जिला प्रशासन को भेजा था। उक्त जमीन की कास्ट अधिक होने के कारण मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
हाईवे पर हाथ ठेलों के खड़े होने से प्रभावित हो रही यातायात व्यवस्था